एमसीबी/27 अगस्त 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित सड़कों का मैदानी निरीक्षण किया। जिले के दूरस्थ विकासखंड भरतपुर पहुंचीं कलेक्टर ने सड़कों की वास्तविक स्थिति, निर्माण गुणवत्ता और विभिन्न परतों की मोटाई का मौके पर तकनीकी परीक्षण कराया।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, एसडीएम एस. शेखर मिश्रा, तहसीलदार नीरज कांत तिवारी, पीएमजीएसवाय के कार्यपालन अभियंता मोती राम सिंह, एसडीओ विमल शर्मा सहित संबंधित सब-इंजीनियर उपस्थित रहे।
कोईलरा-कुरकुट्टी खालेपारा सड़क में पिट लगाकर जांची निर्माण परतें
कलेक्टर ने सबसे पहले कोईलरा पीएमजीएसवाय रोड से कुरकुट्टी खालेपारा वाया तोजा सड़क का निरीक्षण किया। 7.03 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए 401.60 लाख रुपए की अनुबंधित राशि निर्धारित की गई थी। सड़क का निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 को पूर्ण हुआ है।
निर्माण की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर चैनेज 150 मीटर पर पिट लगाकर सड़क की विभिन्न निर्माण परतों की मोटाई की जांच की गई। जांच के दौरान MSS लेयर की स्वीकृत 20 एमएम मोटाई के मुकाबले 25 एमएम, WBM लेयर की 150 एमएम के मुकाबले 170 एमएम तथा GSB लेयर की 150 एमएम के मुकाबले 160 एमएम मोटाई मौके पर पाई गई।

तकनीकी परीक्षण में सड़क की प्रमुख निर्माण परतें स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप पाई गईं। इससे निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट हुई।
सिंगरौली-पुरहनिया पारा सड़क का भी लिया जायजा
इसके बाद कलेक्टर ने सिंगरौली से पुरहनिया पारा तक निर्मित पीएमजीएसवाय सड़क का निरीक्षण किया। 2.025 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए 125.14 लाख रुपए की अनुबंधित राशि निर्धारित की गई थी। सड़क का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2025 को पूर्ण किया गया था।
कलेक्टर ने सड़क की सतह, निर्माण की वर्तमान स्थिति और गुणवत्ता का मौके पर अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की तकनीकी जानकारी लेने के साथ सड़क की वर्तमान स्थिति और रखरखाव से जुड़े बिंदुओं की भी जानकारी प्राप्त की।

दोनों सड़कें गुणवत्ता परीक्षण में संतोषजनक
मैदानी निरीक्षण और तकनीकी जांच के दौरान दोनों सड़कों का निर्माण कार्य संतोषजनक एवं निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप पाया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता और मजबूती से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
उन्होंने कहा कि सड़कें केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी गुणवत्ता, टिकाऊपन और उपयोगिता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी तथा तकनीकी मानकों के अनुरूप प्रत्येक चरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मैदानी स्तर पर लगातार निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की प्रत्यक्ष निगरानी करने को कहा।
मौके पर पीएमजीएसवाय के अधिकारियों ने सड़क निर्माण से संबंधित तकनीकी एवं वित्तीय जानकारी कलेक्टर को उपलब्ध कराई। कलेक्टर के इस भौतिक निरीक्षण से ग्रामीण सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता परीक्षण और मैदानी निगरानी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
