रायपुर। NEET UG काउंसलिंग 2026 को लेकर छत्तीसगढ़ में डोमिसाइल और दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़ी शिकायतों के बीच चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र विद्यार्थियों के अधिकारों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, नियमों का उल्लंघन, गलत जानकारी अथवा फर्जी दस्तावेज के जरिए प्रवेश लेने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य प्रदेश के अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है। सीटों में बढ़ोतरी तभी सार्थक होगी, जब इसका लाभ निर्धारित नियमों के तहत पात्र अभ्यर्थियों को मिले।
डोमिसाइल शिकायतों की होगी गंभीरता से जांच
डोमिसाइल को लेकर सामने आने वाली शिकायतों पर मंत्री ने गंभीरता से जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही हैं और जो निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ NEET की तैयारी की है। उनके भविष्य और अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में नियमों के उल्लंघन या फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से हो रही काउंसलिंग
NEET UG प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग निर्धारित प्रवेश नियमों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से कराई जा रही है। राज्य काउंसलिंग समिति के अनुसार पंजीयन, कॉलेज एवं पाठ्यक्रम की प्राथमिकता, सीट आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा और प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जाएगी।
सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता की पुष्टि के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
डोमिसाइल और अन्य प्रमाण-पत्रों का होगा सत्यापन
छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के तहत अभ्यर्थियों के मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी/संवर्ग से संबंधित प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रवेश सुनिश्चित करना और गलत दस्तावेज या गलत जानकारी के आधार पर प्रवेश लेने के मामलों को रोकना है।
गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज मिले तो प्रवेश होगा निरस्त
प्रवेश नियमों के नियम 12 के तहत यदि कोई अभ्यर्थी गलत या झूठी जानकारी देकर अथवा किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसका प्रवेश नियमानुसार निरस्त किया जा सकता है।
प्रवेश के बाद भी यदि दस्तावेजों, पात्रता या अन्य आवश्यक शर्तों में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से बचें, अधिकृत पोर्टल पर दर्ज करें शिकायत
राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि NEET UG काउंसलिंग को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। किसी भी समस्या या शिकायत की स्थिति में अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल के Candidate Login में उपलब्ध “Candidates Grievances and Query Redressal System” के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इसके अलावा काउंसलिंग शाखा के ई-मेल cgdme.counseling@gmail.com पर भी संपर्क किया जा सकता है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्रता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मेहनत के दम पर मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का सपना देखने वाले पात्र विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
