मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)। आत्मा (ATMA) योजना के अंतर्गत नवगठित मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के समग्र एवं आवश्यकता-आधारित कृषि विकास के लिए तैयार स्ट्रेटेजिक रिसर्च एंड एक्सटेंशन प्लान (SREP) का तकनीकी परीक्षण एवं पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण 28 से 30 जुलाई 2026 तक रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम ईईआई (Extension Education Institute), आनंद एवं संचालनालय कृषि, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसमें प्रदेश के विशेषज्ञों द्वारा जिले की कार्ययोजना का गहन परीक्षण किया जा रहा है।
अब तक एमसीबी जिले की कृषि विस्तार संबंधी गतिविधियां मातृ जिला कोरिया के SREP के माध्यम से संचालित होती थीं। जिले के गठन के बाद पहली बार स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक संसाधनों, कृषि जलवायु, फसल प्रणाली, किसानों की आवश्यकताओं तथा क्षेत्रीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एमसीबी का स्वतंत्र SREP तैयार किया गया है। यह योजना जिले की कृषि विकास रणनीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रायपुर में आयोजित तकनीकी परीक्षण एवं प्रस्तुतीकरण के लिए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की अंतर-विभागीय टीम मौजूद है। टीम का नेतृत्व सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी (ASCO) महेश पैकरा तथा कृषि विस्तार अधिकारी दीपक कुमार साहू कर रहे हैं। टीम में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, पशुधन विकास विभाग तथा मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हैं, जो समेकित कृषि विकास की रूपरेखा विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।
SREP का निर्माण पार्टिसिपेटरी रूरल एप्रेजल (PRA) पद्धति के माध्यम से किया गया है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न कृषि पारिस्थितिकी क्षेत्रों (Agro Ecological Situation-AES) में किसानों, ग्रामीणों तथा अन्य हितधारकों से प्रत्यक्ष संवाद कर जमीनी स्तर की जानकारी एकत्रित की गई। अध्ययन में फसल चक्र, सिंचाई की उपलब्धता, मृदा की स्थिति, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि आधारित आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों तथा क्षेत्र विशेष की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर जिले की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि विस्तार की रणनीति तैयार की गई है।
उप संचालक कृषि, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने बताया कि तैयार किया गया SREP भविष्य में जिले की सभी आवश्यकता-आधारित कृषि विस्तार योजनाओं का प्रमुख आधार बनेगा। इसके माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रभावी हस्तांतरण, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास को गति मिलेगी। साथ ही किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, विविधीकृत कृषि को बढ़ावा देने और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करने की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित यह स्वतंत्र SREP जिले में कृषि नवाचार, वैज्ञानिक खेती और टिकाऊ कृषि विकास को नई मजबूती प्रदान करेगा। इससे किसानों को उनकी जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा।
