मनेन्द्रगढ़, 26 अक्टूबर 2026। विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM-G) के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों को गति मिल रही है। जिले में रोजगार सृजन के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत के कुल 1,558 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपये के रोजगार का सृजन हो रहा है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर मिल रहे हैं।
जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के नेतृत्व में जिले की ग्राम पंचायतों में रोजगारमूलक एवं जनोपयोगी कार्य संचालित किए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान में 438 कार्य प्रगतिरत हैं, जबकि 175 ग्राम पंचायतों में कुल 18,163 श्रमिकों को नियोजित किया गया है। इन कार्यों से ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में जरूरी सुविधाओं और टिकाऊ परिसंपत्तियों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।
रोजगार के साथ जल संरक्षण पर विशेष जोर
योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मुक्तिधाम निर्माण, सामुदायिक बालिका शौचालय, बोरवेल रिचार्ज, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, नवीन आजीविका डबरी और तालाब निर्माण जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही बोल्डर चेकडैम और गेबियन संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण तथा भूजल स्तर में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
इन कार्यों का उद्देश्य केवल ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जल संसाधनों का संरक्षण, कृषि एवं पशुपालन को सहयोग और ग्रामीण आजीविका के साधनों को मजबूत करना भी है। स्थानीय स्तर पर काम मिलने से श्रमिकों को अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों में रोजगार पाने का अवसर मिल रहा है।
भगवानपुर के बघवार में तालाब गहरीकरण, 87 श्रमिकों को काम

ग्रामीण रोजगार और जल संरक्षण की इस पहल का उदाहरण भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत भगवानपुर के अंतर्गत बघवार में देखने को मिल रहा है। यहां पुराने तालाब के गहरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, जिसमें 87 श्रमिक नियोजित हैं।
तालाब के गहरीकरण से एक ओर श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर तालाब की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने और वर्षा जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों का संरक्षण कृषि, पशुपालन और स्थानीय जल जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
टिकाऊ परिसंपत्तियों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
VB-G RAM-G के अंतर्गत जिले में संचालित कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। रोजगार सृजन के साथ जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन पर ध्यान केंद्रित किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को बल मिल रहा है।
जिले में स्वीकृत कार्यों, प्रगतिरत परियोजनाओं और श्रमिकों के नियोजन से ग्रामीण विकास को स्थानीय रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में इन कार्यों से रोजगार के अवसरों के साथ जल संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
