एमसीबी/25 अगस्त 2026। रक्षित केंद्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ रहे दिवंगत आरक्षक रामधन कुम्भज के परिवार को पुलिस विभाग ने आर्थिक संबल प्रदान किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में आयोजित गरिमापूर्ण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने दिवंगत आरक्षक की धर्मपत्नी रेणुका कुम्भज को पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) के तहत 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।
आरक्षक रामधन कुम्भज ने मनेन्द्रगढ़ पुलिस लाइन में पूरी निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी सेवाएं दी थीं। 28 अप्रैल 2026 को उनका असामयिक निधन हो गया था। उनके निधन से पुलिस विभाग के साथ-साथ परिवार में भी गहरा शोक व्याप्त था।
दिवंगत आरक्षक के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस विभाग ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI), सिटी ब्रांच मनेन्द्रगढ़ के माध्यम से पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद सहायता राशि का चेक परिवार को सौंपा गया।
एसपी ने जताई संवेदना, हरसंभव सहयोग का भरोसा
चेक प्रदान करते हुए एसपी रत्ना सिंह ने दिवंगत आरक्षक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारों के सुख-दुख में भी मजबूती से खड़ा है। विभाग की ओर से परिवार को भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया गया।
इस सहायता प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मुख्य लिपिक पंकज नेमा एवं कार्यालयीन स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाली राशि समय पर दिवंगत आरक्षक के परिवार तक पहुंचाई जा सकी।
संकट की घड़ी में विभागीय संवेदनशीलता का संदेश
दिवंगत आरक्षक के परिवार को मिली ₹10 लाख की सहायता न केवल आर्थिक राहत है, बल्कि संकट की घड़ी में पुलिस विभाग की अपने कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के प्रति जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण गंवाने अथवा असामयिक रूप से दिवंगत होने वाले कर्मचारियों के परिवारों के साथ विभाग हर परिस्थिति में खड़ा रहेगा।
