CGPSC मूल्यांकन पर कांग्रेस का बड़ा सवाल: सही उत्तर पर शून्य, गलत जवाब पर अंक देने का आरोप; 187 अभ्यर्थियों को बाहर करने पर भी उठाए सवाल

मनेन्द्रगढ़ में कांग्रेस की प्रेसवार्ता, उत्तर-पुस्तिकाओं के पन्ने दिखाकर पारदर्शिता पर उठाए सवाल; इंटरव्यू स्थगित कर कॉपियां सार्वजनिक करने की मांग

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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CGPSC मूल्यांकन पर कांग्रेस का बड़ा सवाल: सही उत्तर पर शून्य, गलत जवाब पर अंक देने का आरोप; 187 अभ्यर्थियों को बाहर करने पर भी उठाए सवाल

मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षाओं की मूल्यांकन एवं इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं के पन्ने और उनके मूल्यांकन से जुड़े दस्तावेज मीडिया के सामने रखते हुए कथित अनियमितताओं की जांच और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

प्रेसवार्ता को जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी, पूर्व जनपद सदस्य रफीक मेमन, पूर्व सरपंच अमोल सिंह मरावी एवं राम अवतार सिंगरौल ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

समान उत्तर, लेकिन अंकों में अंतर का दावा

कांग्रेस नेताओं ने वर्ष 2024 की मुख्य परीक्षा की जांची गई उत्तर-पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि कुछ प्रश्नों में समान उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग अंक दिए गए।

नेताओं ने प्रश्न क्रमांक 5(i) का उदाहरण देते हुए कहा कि दो अभ्यर्थियों ने एक समान उत्तर लिखा, लेकिन एक को 2 में से 0 अंक, जबकि दूसरे को 2 में से 2 अंक दिए गए।

इसी तरह ‘भक्तिन माता राजिम’ से संबंधित प्रश्न में कांग्रेस नेताओं के अनुसार, एक अभ्यर्थी को सही उत्तर के बावजूद 8 में से 3.5 अंक मिले, जबकि दूसरे अभ्यर्थी को कथित रूप से गलत उत्तर के बावजूद 1.5 अंक प्रदान किए गए।

होमरूल लीग के प्रश्न पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने होमरूल लीग की स्थापना से जुड़े प्रश्न का उदाहरण देते हुए कहा कि सही उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थी को 4 में से 2.5 अंक मिले, जबकि वर्ष 1923 एवं स्वराज दल लिखने वाले अभ्यर्थी को भी 2.5 अंक दिए गए।

इसी तरह घरेलू हिंसा और बौद्ध धर्म से जुड़े प्रश्नों के मूल्यांकन को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए और दावा किया कि कई मामलों में सही और गलत उत्तरों के लिए समान अंक दिए गए।

1:3 अनुपात को लेकर कांग्रेस ने मांगा जवाब

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव और महामंत्री पूनम सिंह ने वर्ष 2025 में जारी पदों और इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाया।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, 265 पदों के लिए 1:3 के अनुपात के आधार पर 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन आयोग द्वारा 608 अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किया गया। कांग्रेस ने सवाल किया कि शेष 187 अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंक नहीं मिलने के आधार पर बाहर किए जाने का आधार क्या था।

नेताओं ने मांग की कि आयोग इस संबंध में स्पष्ट करे कि इन अभ्यर्थियों को किस आधार पर अपात्र घोषित किया गया और संबंधित कटऑफ एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए।

मूल्यांकनकर्ताओं की पात्रता और गोपनीयता पर भी सवाल

प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने वर्ष 2024 की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच शिक्षक एलबी संवर्ग के शिक्षकों से कराई गई, जिनकी पात्रता को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मूल्यांकनकर्ताओं के नाम और प्राप्तांक सार्वजनिक होने से परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित हुई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस नेताओं ने सीजीपीएससी की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई मांगें रखीं—

मामले का निराकरण होने तक वर्तमान/प्रस्तावित इंटरव्यू स्थगित किए जाएं।

इंटरव्यू से पहले सभी अभ्यर्थियों को उनकी मूल्यांकित उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी किए जाएं।

अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उत्तर-पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।

इंटरव्यू के लिए चयन में 1:3 अनुपात के नियम के पालन को स्पष्ट किया जाए।

मूल्यांकन में सामने आए कथित अंतर की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और सीजीपीएससी द्वारा मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस युवाओं के मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाएगी।

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