मनेन्द्रगढ़। वनांचल क्षेत्र में शिक्षा और संस्कारों की अलख जगाने वाले वंदना शिशु शिक्षा निकेतन की प्राचार्या नीरजा सिंह, लेक्चरर ऋचा सिंह और लेक्चरर फरहीन खान को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मनेन्द्रगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में संकल्प ग्रुप ऑफ कॉलेजेस द्वारा तीनों शिक्षिकाओं को सम्मान प्रदान किया गया।
वंदना शिशु शिक्षा निकेतन पिछले 26 वर्षों से भरतपुर वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भखार विकास मंच द्वारा संचालित इस संस्था की पहचान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के विकास पर विशेष जोर देने वाले विद्यालय के रूप में रही है। संस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का भी प्रयास कर रही है।
विद्यालय को ही अपना जीवन समर्पित कर चुकी हैं प्राचार्या नीरजा सिंह

वंदना शिशु शिक्षा निकेतन की नींव रखने वाली प्राचार्या नीरजा सिंह का कहना है कि उनका पूरा जीवन विद्यालय और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए समर्पित है। शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए बच्चों को संस्कारवान बनाना और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है।
बीते 26 वर्षों से वनांचल क्षेत्र में संस्था की निरंतर शैक्षणिक गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि समर्पण, सेवा और दृढ़ संकल्प के साथ सीमित संसाधनों में भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा सकता है।
शिक्षा जगत की हस्तियों की मौजूदगी में हुआ सम्मान

मनेन्द्रगढ़ में आयोजित सम्मान समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं प्राचार्य तथा जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव सहित शिक्षा जगत से जुड़े अन्य लोग उपस्थित रहे।
तीनों शिक्षिकाओं का सम्मान वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार, बच्चों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक सेवाओं के प्रति उनके समर्पण को प्रोत्साहित करने वाला कदम है। यह सम्मान उन शिक्षकों के योगदान को भी रेखांकित करता है, जो शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रख रहे हैं।
