सिगरेट लेने की बात पर हुआ विवाद, डंडे से युवक की हत्या; आरोपी को आजीवन कारावास

घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दबोचा था आरोपी, करीब 21 माह बाद न्यायालय ने सुनाया फैसला

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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सिगरेट लेने की बात पर हुआ विवाद, डंडे से युवक की हत्या; आरोपी को आजीवन कारावास

एमसीबी/चिरमिरी, 1 अक्टूबर 2026। चिरमिरी में सिगरेट लेने की बात को लेकर हुए विवाद में युवक की डंडे से हत्या करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, चिरमिरी निरंजन लाल चौहान ने आरोपी राजेश कुमार पिता अशोक कुमार (35 वर्ष), निवासी 20 नंबर डोमनहिल, चिरमिरी को धारा 103(1) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सिगरेट लेने की बात पर शुरू हुआ विवाद, डंडे से किए ताबड़तोड़ वार

पुलिस के अनुसार, घटना 31 दिसंबर 2024 की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच 20 नंबर डोमनहिल मेन रोड, चिरमिरी में सलीम के घर के सामने हुई थी। यहां मृतक शाहिद अहमद और आरोपी राजेश कुमार के बीच सिगरेट लेने की बात को लेकर विवाद हो गया।

विवाद बढ़ने पर आरोपी ने लकड़ी के डंडे से शाहिद अहमद के सिर पर तीन-चार बार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना प्रत्यक्षदर्शी प्रार्थी शत्रुघन सिंह द्वारा पुलिस को दी गई, जिसके बाद थाना चिरमिरी में मर्ग इंटिमेशन की कार्रवाई की गई।

इसके बाद 1 जनवरी 2025 की रात करीब 12:30 बजे अपराध क्रमांक 01/2025, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।

24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार

हत्या की घटना के बाद चिरमिरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश कुमार को घटना के 24 घंटे के भीतर 1 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की विवेचना और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद अब करीब 1 वर्ष 9 माह में न्यायालय का फैसला सामने आया है।

सजा में समायोजित होगी न्यायिक अभिरक्षा की अवधि

न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ नहीं दिया। आरोपी द्वारा 1 जनवरी 2025 से 1 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि, कुल 1 वर्ष 9 माह, को सजा में समायोजित किया जाएगा।

न्यायालय ने पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मृतक के परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से तीन माह के भीतर प्रतिकर दिलाए जाने के निर्देश भी दिए हैं।

विवेचना में एएसआई शेष नारायण सिंह की सराहनीय भूमिका

मामले की विवेचना में तत्कालीन थाना चिरमिरी के सहायक उप निरीक्षक श्री शेष नारायण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जिला पुलिस मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने प्रकरण में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी विवेचना के परिणामस्वरूप न्यायालय से आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिलने की जानकारी दी है।

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