जल संरक्षण से रोजगार तक, जिला पंचायत की सामान्य सभा में विकास योजनाओं पर मंथन

‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान से लेकर आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और ग्रामीण आजीविका तक योजनाओं की हुई समीक्षा; अंतिम व्यक्ति तक समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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जल संरक्षण से रोजगार तक, जिला पंचायत की सामान्य सभा में विकास योजनाओं पर मंथन

एमसीबी, 30 सितंबर 2026। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, उपाध्यक्ष राजेश साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता चौधरी, सुखमंती सिंह, अनीता सिंह, उजित नारायण सिंह, बेला कुंवर आयाम एवं ममता, जनपद पंचायत भरतपुर की अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, विधायक प्रतिनिधि रवि कुमार गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि राम नरेश पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को मिलेगी नई दिशा

बैठक में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAM-G) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आजीविका डबरियों, सामुदायिक तालाबों और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन जल संरचनाओं को भविष्य में मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, उद्यानिकी और पशुपालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की भी योजना है।

जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने तथा निर्मित संरचनाओं के बेहतर उपयोग और नियमित रखरखाव पर विशेष जोर दिया।

गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर

सामान्य सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, सैनिटरी एवं जोखिमपूर्ण कचरे के सुरक्षित निपटान तथा स्रोत स्तर पर कचरा अलग करने की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

खुले में कचरा फेंकने और जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने, बल्क वेस्ट जनरेटर का पंजीयन कराने तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं स्वच्छता के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने के लिए चौपाल, दीवार लेखन, रैली और अन्य आईईसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर बल दिया गया।

जल संरक्षण से रोजगार तक, जिला पंचायत की सामान्य सभा में विकास योजनाओं पर मंथन (2)

आवास, रोजगार से लेकर स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण तक योजनाओं की समीक्षा

सामान्य सभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), VB-G-RAM-G, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जल संरक्षण एवं रोजगारमूलक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

इसी क्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन, महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पोषण संबंधी गतिविधियों तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की किसान हितैषी योजनाओं, बागवानी और पौधरोपण कार्यक्रमों की भी जानकारी ली गई।

“अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ”

बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी स्तर पर सतत निरीक्षण और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता, रोजगार, ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के साथ लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

बैठक के अंत में अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय मजबूत करने, निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने तथा योजनाओं की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए। सामान्य सभा में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनके वास्तविक लाभ को ग्रामीणों तक पहुंचाने को लेकर विभागवार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

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