कोरिया। जिले के थाना पटना पुलिस ने छात्रावास अधीक्षिका के आवास में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई सामग्री में से करीब 1 लाख 80 हजार रुपये कीमत के सामान को बरामद कर जब्त किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामला थाना पटना में दर्ज अपराध क्रमांक 115/2026, धारा 331(4), 300(1), 3(8) से संबंधित है।
ताला तोड़कर लाखों की संपत्ति पर किया था हाथ साफ
पुलिस के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को प्री-मैट्रिक छात्रावास पटना की अधीक्षिका के आवास का ताला तोड़कर अज्ञात चोर ने घर में रखे टीवी, कंप्यूटर मॉनिटर, सोने-चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नगद सहित करीब 2 लाख 30 हजार 600 रुपये की संपत्ति चोरी कर ली थी। घटना की रिपोर्ट पर थाना पटना में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
मुखबिर तंत्र से मिली अहम सूचना
चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना पटना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की पतासाजी के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को संदिग्धों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों से पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की गई सामग्री बरामद की गई।
टीवी, मॉनिटर और सोने-चांदी के आभूषण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सैमसंग एलईडी टीवी, कंप्यूटर मॉनिटर, सोने की चेन, चांदी का पायल और कान की बाली सहित करीब 1 लाख 80 हजार रुपये कीमत का चोरी का सामान बरामद कर जब्त किया है।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महबूब रजा उर्फ बाबू (19 वर्ष), निवासी सरना पारा, वार्ड क्रमांक 05, थाना पटना तथा सौरभ गुप्ता उर्फ राजा गुप्ता (24 वर्ष), निवासी सरना पारा, वार्ड क्रमांक 05, थाना पटना, जिला कोरिया के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 29 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
चोरी की घटना के खुलासे में थाना पटना पुलिस की तत्परता और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रमोद पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र तिवारी, आरक्षक संदीप साय एवं प्रदीप साहू का विशेष योगदान रहा।
