चीन की नौकरी छोड़ स्वदेश लौटे डॉ. नीरज श्रीवास्तव, मनेन्द्रगढ़ में हुआ भव्य अभिनंदन

राष्ट्र सेवा की भावना से विदेश छोड़ा, अब संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में निभाएंगे प्राध्यापक की जिम्मेदारी; योग साधक सम्मेलन एवं सुर-संध्या में हुआ सम्मान

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

लोकेशन: —

3 min read64 views
चीन की नौकरी छोड़ स्वदेश लौटे डॉ. नीरज श्रीवास्तव, मनेन्द्रगढ़ में हुआ भव्य अभिनंदन

मनेन्द्रगढ़। विदेश में आकर्षक पैकेज पर वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत रहना और फिर मातृभूमि की सेवा के संकल्प के साथ स्वदेश लौटना निश्चित रूप से प्रेरणादायी है। चीन में साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत रहे मनेन्द्रगढ़ निवासी डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का निर्णय लिया। अब वे संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर में प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।

डॉ. नीरज श्रीवास्तव की स्वदेश वापसी और सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्राचार्य एवं वरिष्ठ योग साधक अपने पिता मुन्नालाल श्रीवास्तव के सानिध्य में रहकर शिक्षण एवं राष्ट्र सेवा से जुड़ने के निर्णय को लेकर मनेन्द्रगढ़ में विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग साधक सम्मेलन एवं सुर-संध्या कार्यक्रम का आयोजन योग समिति के सौजन्य से किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त संजय अग्रवाल ने डॉ. नीरज श्रीवास्तव की स्वदेश वापसी को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि विदेश में बेहतर अवसर और सुविधाएं मिलने के बावजूद अपनी मातृभूमि में रहकर सेवा करने का संकल्प युवाओं के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि डॉ. नीरज श्रीवास्तव के पिता मुन्नालाल श्रीवास्तव स्वयं योग से जुड़े वरिष्ठ साधक रहे हैं। योग, संस्कार और परिवार से मिले मूल्यों का प्रभाव ही है कि विदेश में रहते हुए भी डॉ. नीरज ने अपने देश के प्रति नैतिक दायित्व को प्राथमिकता दी और स्वदेश लौटकर सेवा का मार्ग चुना।

पिता के सानिध्य और देश सेवा को चुना

डॉ. नीरज श्रीवास्तव चीन में वैज्ञानिक के पद पर अच्छे पैकेज पर कार्यरत थे। इसके बावजूद उनका मन अपने देश लौटकर परिवार और समाज के बीच रहते हुए अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने का था। इसी भावना के चलते उन्होंने चीन की नौकरी छोड़कर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर में प्राध्यापक पद स्वीकार किया।

उनकी स्वदेश वापसी पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब बड़ी संख्या में युवा बेहतर रोजगार और सुविधाओं के लिए विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं, ऐसे समय में डॉ. नीरज का अपने देश लौटकर शिक्षण सेवा से जुड़ना युवाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश है।

सुर-संध्या में कलाकारों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दूसरे चरण में आयोजित सुर-संध्या में स्थानीय एवं जिले के कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। युवा गायक अनमोल सलूजा, आकाश पोद्दार, हर्षलता खियानी, गायिका एवं वार्ड पार्षद सुनैना विश्वकर्मा, सुप्रसिद्ध गायक मनजीत सिंह, मुन्नी श्रीवास्तव, रिंकू देवनाथ, श्रुति पांडे, एम.एल. श्रीवास्तव, नवल किशोर सिंह और राजेश बुंदेला सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

बड़ी संख्या में योग साधक एवं गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

कार्यक्रम में योग आयोग अध्यक्ष संजय अग्रवाल के साथ लायंस क्लब सचिव एवं समाजसेवी डी के श्रीवास्तव, योग समिति के संरक्षक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य मुन्नालाल श्रीवास्तव, वरिष्ठ योग जिला प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय, वरिष्ठ नागरिक एवं योग साधक पवन पोद्दार सहित योग समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला समिति की पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में योग साधक एवं साधिकाएं उपस्थित रहीं।

साथ ही एमसीबी योग सेवा समिति से वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण निशी, रूपा पोद्दार, नीलू सिंह, पिंकी सलूजा, बलवीर कौर, अर्चना अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, विनोद कुमार सोनी, सुनील कुमार गुप्ता, विकास कुमार गोयल, विवेक कुमार तिवारी, भैरव प्रसाद केसरवानी, धर्मराज वर्मा, विष्णु प्रसाद कोरी, विश्वजीत पटेल, विमला यादव, नीरज अग्रवाल, प्रियंका अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

यह लेख शेयर करें:

Twitter Facebook LinkedIn📱 WhatsApp

रिपोर्टर के बारे में

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

लोकेशन: —

सभी लेख देखें →