मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत मनेंद्रगढ़ में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया गया। अभियान के तीसरे सप्ताह के अंतर्गत अलास्का कंप्यूटर सेंटर में विशेष साइबर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चल रहे इस अभियान का उद्देश्य ‘साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़’ की दिशा में आमजन को जागरूक और सतर्क करना है।
पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह, IPS के निर्देशन में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पुलिस द्वारा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में साइबर सेल की टीम ने अलास्का कंप्यूटर सेंटर पहुंचकर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों और उनसे बचने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें, सोशल मीडिया को रखें सुरक्षित
कार्यक्रम में साइबर सेल से पुष्कल सिन्हा, राकेश तिवारी, दीप तिवारी, भूपेंद्र यादव, जितेन्द्र ठाकुर एवं अनीता सिंह उपस्थित रहे। शिविर का शुभारंभ संस्था के संचालक मो. फिरोज मंसूरी द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया।
इसके बाद राकेश तिवारी एवं दीप तिवारी ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।
विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचें और गेमिंग ऐप्स में बिना पूरी जानकारी के पैसे न लगाएं। साथ ही व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स को 2-Step Verification के जरिए सुरक्षित रखने की जानकारी दी गई।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी कॉल से रहें सावधान
साइबर सेल के अधिकारियों ने वास्तविक घटनाओं के उदाहरण देकर ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी पुलिस अधिकारी, CBI या ED अधिकारी बनकर धमकी देने वाली कॉल, वीडियो कॉल और बैंकिंग फ्रॉड के बारे में विस्तार से समझाया।

उन्होंने बताया कि साइबर ठग अक्सर डर और दबाव का माहौल बनाकर लोगों से बैंक खाते, OTP, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कॉल को तत्काल काटना और संबंधित सरकारी अथवा बैंकिंग एजेंसी से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए।
30 अगस्त से 5 सितंबर तक विशेष जागरूकता कार्यक्रम
साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत 30 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक विभिन्न संवादात्मक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और आमजनों को फर्जी अधिकारी बनकर आने वाली धमकी भरी कॉल, वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इसके साथ ही पुलिस द्वारा ‘जागरूकता की एक सेल्फी’ पहल के माध्यम से आमजन से QR कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ने की अपील की गई, ताकि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
छात्रों ने सीखे डिजिटल सुरक्षा के जरूरी सबक
अलास्का कंप्यूटर सेंटर में आयोजित इस शिविर से विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। कार्यक्रम के अंत में संस्थान प्रशासन ने पुलिस विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग देने की बात कही।
