एमसीबी। समाज में मानवीयता, संवेदनशीलता और संस्कारों का निरंतर क्षरण चिंता का विषय है। ऐसे समय में बच्चों को बचपन से ही संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना बेहद जरूरी है। भविष्य के नागरिक ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इसी उद्देश्य से शासकीय प्राथमिक शाला बैगापारा (नौढ़िया) में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक व्यवहार और शिष्टाचार से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्यालय में आयोजित रामायण पाठ कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका एवं नित नए नवाचारों के लिए चर्चित विधात्री सिंह ने कहा कि यदि बच्चों को प्राथमिक स्तर से ही मानवीय, संवेदनशील और संस्कारित बनाया जाए, तो भविष्य में समाज को अच्छे और जिम्मेदार नागरिक मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने के साथ उनमें दूसरों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक व्यवहार की भावना विकसित करना आवश्यक है। इस दिशा में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए।

राम दरबार की स्थापना, भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में राम दरबार की स्थापना की गई। उपस्थित नागरिकों का तिलक-चंदन लगाकर सम्मान किया गया। इसके पश्चात रामायण पाठ एवं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों, पालकों एवं नागरिकों को स्वल्पाहार एवं प्रसाद का वितरण किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्य एवं पदाधिकारी, पालक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति को जोड़ने की विद्यालय की पहल को रेखांकित किया।
