किसानों के काम में लापरवाही नहीं चलेगी: सुखमंती सिंह

कृषि स्थाई समिति की मेगा बैठक में 7 विभागों की समीक्षा, अधिकारियों को दो टूक—“रिपोर्ट नहीं, खेतों में दिखना चाहिए काम”

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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Aug 28, 20263 min read97 views
किसानों के काम में लापरवाही नहीं चलेगी: सुखमंती सिंह

एमसीबी। जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति की मासिक बैठक इस बार सख्त तेवर और स्पष्ट निर्देशों के साथ आयोजित हुई। समिति की सभापति सुखमंती सिंह की अध्यक्षता में हुई मेगा बैठक में कृषि से जुड़े सात प्रमुख विभागों कृषि, पशुधन, मत्स्य, जल संसाधन, भूमि संरक्षण, वाटरशेड और सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बारी-बारी से समीक्षा की गई।

बैठक में सभापति ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान अन्नदाता है और उसके हितों से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में काम पूरा करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

खाद-बीज की उपलब्धता से लेकर गिरदावरी तक की समीक्षा

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान खरीफ फसलों की गिरदावरी रिपोर्ट ली गई। सभापति ने सभी समितियों में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद-बीज की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने को कहा। साथ ही पीएम किसान योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पशुधन विभाग को टीकाकरण में तेजी के निर्देश

पशुधन विकास विभाग की समीक्षा में जिले में चल रहे टीकाकरण अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई। सभापति ने अभियान में तेजी लाने के साथ गौठानों में भूसा-चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था तथा पशु चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने वाली योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

मत्स्य पालन से युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

मत्स्य विभाग को तालाबों के पट्टा वितरण में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए। सभापति ने युवाओं को मछली पालन से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। मत्स्य बीज उत्पादन, जाल और नाव अनुदान से संबंधित लंबित प्रकरणों का सात दिन के भीतर निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।

नहरों की सफाई और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने पर फोकस

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जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान नहरों की सफाई तथा खेतों के अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। स्टॉप डैम और एनीकट निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को भी कहा गया।

जल संरक्षण और भूमि कटाव रोकने के कार्यों में तेजी

भूमि संरक्षण एवं वाटरशेड विभाग को पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि कटाव रोकने के लिए चेक डैम, कंटूर ट्रेंच और वृक्षारोपण जैसे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को मनरेगा से जोड़कर प्राथमिकता के साथ कराने पर भी चर्चा हुई।

सहकारिता विभाग को धान खरीदी की तैयारी अभी से करने के निर्देश

सहकारिता विभाग की समीक्षा में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। डिफाल्टर समितियों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आगामी धान खरीदी की तैयारियां अभी से शुरू करने को कहा गया।

“अगली बैठक में रिपोर्ट नहीं, जमीन पर दिखे काम”

बैठक के अंत में सभापति श्रीमती सुखमंती सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की हिदायत देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम किसान तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अगली बैठक में केवल कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर हुए कार्यों का परिणाम दिखाई देना चाहिए।

बैठक में कृषि स्थाई समिति के सभी सदस्य, उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा, सहायक संचालक मत्स्य, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, उप संचालक भूमि संरक्षण, वाटरशेड अधिकारी तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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