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रेलवे एडीएन बंगले से दो चंदन के पेड़ चोरी, साक्ष्य मिटाने उखाड़ फेंका खूंट; न एफआईआर, न कार्रवाई

रेलवे कॉलोनी स्थित सहायक मंडल अभियंता (एडीएन ) के सरकारी बंगले से दो बेशकीमती चंदन के पेड़ चोरी होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। चोरी की इस घटना से ज्यादा चौंकाने वाली बात रेलवे अधिकारियों का रवैया है—घटना के बाद न तो पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई गई और न ही कोई विभागीय कार्रवाई की गई। उल्टा, मामला दबाने के लिए कटाई के बाद बचे खूंट (ठूंठ) को भी उखाड़कर फेंक दिया गया।

रिपोर्टर: अमित श्रीवास्तव

लोकेशन: मनेन्द्रगढ़

Aug 22, 20262 min read192 views
रेलवे एडीएन बंगले से दो चंदन के पेड़ चोरी, साक्ष्य मिटाने उखाड़ फेंका खूंट; न एफआईआर, न कार्रवाई


​मनेन्द्रगढ़ 22 अगस्त | रेलवे कॉलोनी स्थित सहायक मंडल अभियंता (एडीएन ) के सरकारी बंगले से दो बेशकीमती चंदन के पेड़ चोरी होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। चोरी की इस घटना से ज्यादा चौंकाने वाली बात रेलवे अधिकारियों का रवैया है—घटना के बाद न तो पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई गई और न ही कोई विभागीय कार्रवाई की गई। उल्टा, मामला दबाने के लिए कटाई के बाद बचे खूंट को भी उखाड़कर फेंक दिया गया।
​साक्ष्य मिटाने की कोशिश से गहराया शक
​सूत्रों के मुताबिक, चंदन के पेड़ों की चोरी अधिकारी के स्थानांतरण के दौरान हुई। लेकिन यह चोरी ट्रांसफर से पहले हुई या बाद में, इस पर रहस्य बना हुआ है। जब स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से इस बाबत सवाल पूछे गए, तो अपनी गर्दन फंसती देख आनन-फानन में कटे हुए पेड़ों की बची हुई जड़ों को भी रातों-रात उखाड़कर गायब कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह सीधी-सीधी सबूत मिटाने की कोशिश है।
​सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
​रेलवे कॉलोनी जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में स्थित बंगले से इस तरह चंदन के विशाल पेड़ों की कटाई और तस्करी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
​चुप्पी क्यों? लाखों रुपये कीमत की सरकारी संपत्ति गायब होने के बाद भी जीआरपी, आरपीएफ या स्थानीय थाने में लिखित शिकायत क्यों नहीं दी गई?
​जिम्मेदार कौन? साक्ष्य मिटाने के लिए बची हुई लकड़ी और जड़ों को उखाड़ने का आदेश किसने दिया?
​उच्चस्तरीय जांच की मांग
​मामला सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। जागरूक नागरिकों और रेल कर्मियों का कहना है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतनी बड़ी घटना को अंजाम देना संभव नहीं है। लोगों ने रेल प्रबंधन के उच्च अधिकारियों और सतर्कता विभाग (Vigilance) से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज करने की मांग की है।

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