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रमदहा वॉटर फॉल में विकास की नई रोशनी, सोलर हाईमास्ट से बढ़ीं पर्यटन सुविधाएं

डीएमएफ मद से 10.76 लाख रुपये की लागत से स्थापित किए गए दो सोलर हाईमास्ट, रात्रिकालीन आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को मिली मजबूती

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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Aug 21, 20264 min read46 views
रमदहा वॉटर फॉल में विकास की नई रोशनी, सोलर हाईमास्ट से बढ़ीं पर्यटन सुविधाएं (1/2)
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एमसीबी, 21 अगस्त 2026। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ पर्यटन स्थलों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधायुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत बेनीपुरा स्थित प्रसिद्ध रमदहा वॉटरफॉल में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से 10 लाख 76 हजार रुपये की लागत से दो सोलर हाईमास्ट संयंत्र स्थापित किए गए हैं।

सौर ऊर्जा से संचालित इन हाईमास्ट के शुरू होने से रमदहा जलप्रपात क्षेत्र में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हो गई है। इससे सूर्यास्त के बाद पर्यटन क्षेत्र में आवागमन करने वाले पर्यटकों और स्थानीय ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलने के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत हुई है। दूरस्थ वन क्षेत्र में बिना पारंपरिक विद्युत व्यवस्था पर निर्भर हुए सौर ऊर्जा के माध्यम से प्रकाश सुविधा उपलब्ध कराना पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

110 किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक पर्यटन स्थल को मिली नई सुविधा

जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित रमदहा वॉटरफॉल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने वन, हरियाली और आकर्षक जलप्रपात के कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां पारंपरिक विद्युत सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में शाम होने के बाद पर्यटन क्षेत्र और आसपास का इलाका अंधकार में डूब जाता था, जिससे पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था।

इसी आवश्यकता को देखते हुए जिला प्रशासन ने डीएमएफ मद से यहां स्थायी प्रकाश व्यवस्था विकसित करने की पहल की। क्रियान्वयन एजेंसी क्रेडा के माध्यम से स्थापित किए गए दोनों सोलर हाईमास्ट आसपास के लगभग 50-50 मीटर क्षेत्र में प्रकाश उपलब्ध करा रहे हैं।

रात में आवागमन हुआ आसान, सुरक्षा को भी मिला सहारा

सोलर हाईमास्ट की रोशनी से अब रात्रि के समय वॉटरफॉल क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को रास्ते और आसपास का क्षेत्र स्पष्ट दिखाई देता है। वन क्षेत्र होने के कारण यहां जंगली जानवरों की आवाजाही की संभावना बनी रहती है। ऐसे में प्रकाश व्यवस्था पर्यटकों और ग्रामीणों की सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पहले सूर्यास्त के बाद क्षेत्र में घना अंधेरा हो जाता था, जिससे पैदल आवागमन सहित अन्य गतिविधियों में कठिनाई होती थी। अब हाईमास्ट की रोशनी से क्षेत्र पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक महसूस हो रहा है। इससे पर्यटकों को भी प्राकृतिक स्थल का बेहतर अनुभव मिल सकेगा।

स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्र में विकास

रमदहा वॉटरफॉल में स्थापित सोलर हाईमास्ट केवल प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दूरस्थ वनांचल में स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा आधारित विकास का उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं। जहां पारंपरिक विद्युत लाइन पहुंचाना तकनीकी एवं भौगोलिक दृष्टि से कठिन हो सकता है, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था से बिजली की पारंपरिक आपूर्ति पर निर्भरता कम होती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। इस लिहाज से रमदहा वॉटरफॉल में किया गया यह कार्य पर्यटन विकास और हरित ऊर्जा के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पर्यटन गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी उम्मीद

रमदहा वॉटरफॉल में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने से आने वाले समय में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित वातावरण पर्यटकों की सुविधा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पर्यटन स्थल पर सुविधाएं बढ़ने के साथ पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होती है तो इसका प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय ग्रामीणों और छोटे व्यवसायों को भी मिल सकता है।

स्थानीय स्तर पर चाय-नाश्ता, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, परिवहन तथा अन्य छोटे व्यवसायों के माध्यम से रोजगार और आय के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे पर्यटन को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाले क्षेत्र के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।

विकास, पर्यटन और सुरक्षा के समन्वय की पहल

डीएमएफ मद से किया गया यह कार्य जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में प्रशासन की प्राथमिकता को दर्शाता है। रमदहा वॉटरफॉल अब प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास के नए उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

जिला प्रशासन की इस पहल से उम्मीद है कि रमदहा वॉटरफॉल में आने वाले पर्यटकों को पहले की तुलना में बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलेगा तथा भविष्य में यहां अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ सुविधाओं का विस्तार होने से रमदहा वॉटरफॉल को जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक विकसित करने में मदद मिल सकती है।

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