एमसीबी, 20 अगस्त 2026। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगई में बालिकाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। तेजी से बढ़ते डिजिटल एवं सोशल मीडिया के उपयोग के बीच छात्राओं को सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार, निजी जानकारी की गोपनीयता, मजबूत पासवर्ड, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण एवं व्यवहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को डिजिटल दुनिया के संभावित खतरों से परिचित कराने के साथ उन्हें इंटरनेट और सोशल मीडिया का सुरक्षित, जिम्मेदार एवं सजग तरीके से उपयोग करने के लिए सक्षम बनाना रहा। छात्राओं को समझाया गया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए तकनीकी जानकारी के साथ सतर्कता और समय पर शिकायत करना भी बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। महिला सशक्तिकरण केंद्र हब की जिला मिशन समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए छात्राओं को सरल भाषा में साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
निजी जानकारी साझा करने से बचने की दी सलाह
कार्यक्रम में छात्राओं को बताया गया कि इंटरनेट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करना कई बार साइबर अपराधियों के लिए अवसर पैदा कर सकता है। उन्हें सलाह दी गई कि अपना मोबाइल नंबर, घर का पता, पासवर्ड, ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य संवेदनशील निजी विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, मैसेज और चैट को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी गई। छात्राओं को बताया गया कि साइबर अपराधी कई बार परिचित व्यक्ति बनकर, इनाम, नौकरी, आकर्षक ऑफर या अन्य प्रलोभन देकर निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे संदेशों पर तत्काल विश्वास करने के बजाय उनकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
मजबूत पासवर्ड और संदिग्ध लिंक से रहें सतर्क
साइबर सुरक्षा में मजबूत पासवर्ड की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को अलग-अलग डिजिटल अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखने तथा ऐसे पासवर्ड का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई, जिसका अनुमान आसानी से न लगाया जा सके।
इसके साथ ही अनजान नंबर या संदिग्ध स्रोत से प्राप्त लिंक पर बिना जांचे क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई। छात्राओं को बताया गया कि फर्जी वेबसाइट या संदिग्ध लिंक के माध्यम से धोखाधड़ी अथवा निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है। इसलिए किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसके स्रोत और विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
सोशल मीडिया इस्तेमाल में सावधानी जरूरी
कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि फोटो, वीडियो, लोकेशन और व्यक्तिगत गतिविधियों से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अपनी प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग को सुरक्षित रखना और अनजान लोगों के साथ निजी बातचीत से बचना डिजिटल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
छात्राओं को यह भी बताया गया कि यदि उन्हें ऑनलाइन धमकी, आपत्तिजनक संदेश, संदिग्ध गतिविधि, फर्जी अकाउंट या किसी अन्य प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े तो उसे छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल अभिभावक, शिक्षक या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। समय पर जानकारी मिलने से साइबर अपराध की स्थिति को गंभीर होने से पहले नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
जागरूकता के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल छात्राओं को साइबर खतरों से सावधान करना नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यमों का आत्मविश्वास और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए सक्षम बनाना भी रहा। वर्तमान समय में शिक्षा, संचार, ऑनलाइन सेवाओं और मनोरंजन के लिए इंटरनेट का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों एवं किशोरियों के लिए डिजिटल सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
कार्यक्रम में छात्राओं को संदेश दिया गया कि सतर्कता, जागरूकता और समय पर सूचना देना साइबर अपराध से बचाव के महत्वपूर्ण हथियार हैं। किसी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करना, निजी जानकारी सुरक्षित रखना, संदिग्ध लिंक से बचना और किसी भी असामान्य ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत कर सकता है।
विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं का मिला सहयोग
कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रियंका राजवाड़े, महिला सशक्तिकरण केंद्र की शैलजा गुप्ता एवं अनीता कुमारी शाह ने सक्रिय सहभागिता निभाई और छात्राओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विद्यालय एवं शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस विभाग की ओर से भी कार्यक्रम को आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल तकनीक जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसके सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूकता और सावधानी आवश्यक है। बालिकाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाकर उन्हें सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में नौगई विद्यालय में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
