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साइबर ठगी से बचाव का संदेश लेकर आईसेक्ट कोचिंग सेंटर पहुंचे थाना प्रभारी पाटले, विद्यार्थियों को बताए साइबर सुरक्षा के जरूरी उपाय

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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Aug 19, 20263 min read44 views
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मनेन्द्रगढ़। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत मनेन्द्रगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में बुधवार, 19 अगस्त 2026 को बस स्टैंड स्थित आईसेक्ट कोचिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम में मनेन्द्रगढ़ थाना प्रभारी विवेक पाटले ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए सतर्क एवं सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।

अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और APK फाइल से रहें सावधान

थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को समझाइश देते हुए बताया कि अनजान मोबाइल नंबरों से आने वाली कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी मैसेज, संदिग्ध APK फाइल, फर्जी वीडियो कॉल तथा ऑनलाइन ठगी के अन्य तरीकों से सावधान रहना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में अनजान एप्लीकेशन इंस्टॉल करने, संदिग्ध लिंक खोलने अथवा निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि OTP, ATM/PIN, पासवर्ड, बैंक खाते से संबंधित जानकारी, कार्ड विवरण अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार अथवा किसी प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बनकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं।

जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा

थाना प्रभारी विवेक पाटले ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदेश, लिंक, वीडियो या फाइल को बिना जांचे-परखे स्वीकार न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को जानकारी दें।

QR कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ने की अपील

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को साइबर जागृति अभियान से जोड़ने के लिए QR कोड स्कैन कराया गया। साथ ही अभियान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों एवं नागरिकों को Selfie लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि जागरूकता से जुड़ा विषय भी है। यदि एक व्यक्ति साइबर ठगी से बचने के उपायों को समझकर अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करता है, तो साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी सामाजिक सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा सकता है।

पुलिस की आमजन से अपील

एमसीबी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों, सहपाठियों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर बैंकिंग अथवा निजी जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करें।

एमसीबी पुलिस का संदेश है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं।

MCB Police — जागरूकता से साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत कदम।

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