गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित प्राकृतिक स्वयंभू शिवलिंग भूतेश्वरनाथ महादेव में सावन के प्रथम सोमवार के अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए मंदिर परिसर पहुंचने लगे। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।
गरियाबंद जिला मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर दूर ग्राम मरौदा के घने जंगलों के बीच स्थित भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर अपनी अनूठी विशेषता के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ में अनेक प्राचीन शिव मंदिर हैं, लेकिन प्राकृतिक रूप से प्रकट हुए इस स्वयंभू शिवलिंग को सबसे अलग और विशेष माना जाता है। मान्यता है कि यह शिवलिंग स्वयं धरती से प्रकट हुआ है और आज भी निरंतर अपना आकार बढ़ा रहा है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भूतेश्वरनाथ महादेव का शिवलिंग प्रतिवर्ष लगभग आधा इंच बढ़ता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर इसकी नियमित माप की जाती है, जिसमें आकार में वृद्धि दर्ज होने की बात सामने आती है। वर्तमान में इस प्राकृतिक शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 80 फीट तक पहुंच चुकी बताई जाती है, जिसके कारण इसे दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक स्वयंभू शिवलिंगों में गिना जाता है।
भूतेश्वरनाथ महादेव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। समय-समय पर विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु भी इस अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने गरियाबंद आते हैं।
सावन माह को देखते हुए मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन के लिए सुव्यवस्थित कतारें, पेयजल, सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया गया है, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भूतेश्वरनाथ महादेव के सच्चे मन से दर्शन और पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन प्रथम सोमवार का धार्मिक महत्व होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखते ही बन रही है। भूतेश्वरनाथ महादेव धाम आज भी प्रकृति, आस्था और अध्यात्म का अद्भुत संगम बनकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
