एमसीबी। संवेदनशील जनप्रतिनिधित्व का एक प्रेरक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेंद्रगढ़ विधायक श्यामबिहारी जायसवाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र की एक बुजुर्ग महिला के गंभीर सड़क हादसे की सूचना मिलते ही तत्काल सक्रियता दिखाते हुए पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारियों से समन्वय स्थापित कराया। उनके हस्तक्षेप से घायल महिला को समय पर प्राथमिक उपचार मिला और बाद में बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रतलाम में मज़ार दर्शन के दौरान हुआ हादसा
एमसीबी जिले के चिरमिरी नगर निगम के वार्ड क्रमांक-19 की निवासी लक्ष्मी सिंह धार्मिक प्रवृत्ति की महिला हैं और समय-समय पर विभिन्न तीर्थ एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए यात्रा करती रहती हैं। इसी क्रम में वह मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित एक मज़ार में दर्शन करने गई थीं। दर्शन के दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। स्थानीय लोगों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए उन्हें निकटस्थ अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार प्रारंभ किया गया।
बेटे की सूचना मिलते ही मंत्री ने संभाला मोर्चा
हादसे की जानकारी मिलते ही लक्ष्मी सिंह के पुत्र दीपक सिंह, जो पेशे से वाहन चालक हैं, ने स्वास्थ्य मंत्री के निज सचिव राजेंद्र दास से संपर्क कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने तत्काल रतलाम के स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर घायल महिला के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री के हस्तक्षेप से महिला को बिना किसी विलंब के बेहतर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
विशेष समन्वय से सिम्स बिलासपुर में शुरू हुआ उपचार
स्वास्थ्य मंत्री के विशेष निर्देशों और प्रशासनिक समन्वय के बाद लक्ष्मी सिंह को एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित रूप से बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल लाया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों द्वारा उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
परिजनों ने जताया आभार
इस कठिन समय में मिली त्वरित सहायता से लक्ष्मी सिंह के परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल तथा पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जिस संवेदनशीलता और तत्परता के साथ मदद मिली, वह जनसेवा की वास्तविक भावना को दर्शाती है। परिजनों ने कहा कि ऐसी पहल आम लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति विश्वास को और मजबूत करती है।
मानवता का संदेश
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि जब जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ कार्य करते हैं, तब प्रशासनिक सीमाएं और राज्य की सरहदें भी लोगों की सहायता में बाधा नहीं बनतीं। समय पर समन्वय, त्वरित निर्णय और मानवीय दृष्टिकोण ने एक घायल बुजुर्ग महिला को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त किया।
