मनेन्द्रगढ़/एमसीबी, 01 अगस्त 2026।
जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए नशीले इंजेक्शनों की अवैध बिक्री में संलिप्त मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने धर-दबोचा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में जिलेभर में "नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत सिटी कोतवाली पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई करने वाले आरोपी को कानून के शिकंजे में लिया।
पुलिस के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से 46 प्रतिबंधित Buprenorphine इंजेक्शन तथा 19 Avil (Pheniramine) इंजेक्शन बरामद किए थे। बरामद इंजेक्शनों की अनुमानित कीमत लगभग 60 हजार रुपये आंकी गई थी। बालक के पास इन इंजेक्शनों के विक्रय अथवा भंडारण का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिलने पर पुलिस ने उन्हें जब्त करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत अपराध दर्ज किया था।
मामले की विवेचना के दौरान पूछताछ और मेमोरेंडम कथन से यह तथ्य सामने आया कि प्रतिबंधित इंजेक्शनों की आपूर्ति मध्यप्रदेश के सीधी निवासी मेडिकल स्टोर संचालक विकास कुमार द्विवेदी द्वारा की जाती थी। जांच में संलिप्तता प्रमाणित होने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह फरार चल रहा था।
लगातार पतासाजी और तकनीकी जांच के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को आरोपी विकास कुमार द्विवेदी (26 वर्ष), पिता रावेंद्र द्विवेदी, निवासी पटेहरा खुर्द, जिला सीधी (मध्यप्रदेश), हाल मुकाम मेन मार्केट, पुलिस चौकी निवास, थाना सरई, जिला सिंगरौली (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधियों के लिए जिले में कोई स्थान नहीं है और भविष्य में भी इस तरह के अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से चलाए जाएंगे।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले के नेतृत्व में एएसआई पाण्डेय, प्रधान आरक्षक प्रिंस, प्रधान आरक्षक सुनील तथा आरक्षक आजाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
