एमसीबी, 01 अगस्त 2026। जिले में कृषि उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने शनिवार को विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम लालपुर, पसौरी, चरवाही और सेमरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों का व्यापक मैदानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद किया, फसलों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया तथा कृषि एवं विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, डिप्टी कलेक्टर नेहा खलखो, डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा, कृषि विभाग के उप संचालक इन्द्रासन पैकरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
लालपुर में बीज उत्पादन और सामुदायिक खेती का लिया जायजा
कलेक्टर ने ग्राम लालपुर में कृषि विभाग द्वारा संचालित दलहन एवं तिलहन बीज उत्पादन कार्यक्रम का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने प्रमाणित बीजों से तैयार की जा रही फसलों की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया एवं तकनीकी मानकों का अवलोकन करते हुए किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे तकनीकी सहयोग की जानकारी ली।
इस दौरान सामुदायिक खेती कर रहे किसान जितेन्द्र सिंह, शिवमंगल सिंह एवं कदम कुंवर से अरहर, मक्का, तिल एवं मूंगफली की खेती को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बीज उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, संभावित उत्पादन, विपणन व्यवस्था तथा किसानों को मिलने वाली तकनीकी सहायता की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद एवं अन्य कृषि आदान उपलब्ध कराए जाएं तथा नियमित फील्ड मॉनिटरिंग कर वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जाए, जिससे जिले में दलहन एवं तिलहन उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
पसौरी में फसल विविधीकरण की सराहना
ग्राम पसौरी में कलेक्टर ने तिल बीज उत्पादन का निरीक्षण किया। यहां किसान समयलाल, धर्मेन्द्र मिश्रा एवं करण सिंह ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष धान की खेती के स्थान पर लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में प्रमाणित तिल बीज उत्पादन किया है।
कलेक्टर ने खेतों में जाकर फसल की गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक एवं संभावित उपज का अवलोकन किया और किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी एवं टिकाऊ माध्यम है। उन्होंने अन्य किसानों को भी परंपरागत खेती के साथ वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
निर्माणाधीन भगमड़िया तालाब का किया निरीक्षण
दौरे के दौरान कलेक्टर ने पसौरी स्थित निर्माणाधीन भगमड़िया नवीन तालाब का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने तालाब के बाहरी हिस्से में पर्याप्त मिट्टी भराई सुनिश्चित करने तथा नहर के गेट पर सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
प्राकृतिक खेती से जुड़ी महिलाओं की सराहना
चरवाही स्थित बीआरसी सेंटर में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने जय मां संतोषी स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशकों का अवलोकन किया।
उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे मूंगा अस्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पादों की सराहना करते हुए इनके उत्पादन को और बढ़ाने तथा ऑनलाइन विपणन की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे महिला स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का बेहतर अवसर मिलेगा।
सेमरिया में जैविक खेती और धान रोपाई का किया निरीक्षण
ग्राम सेमरिया में कलेक्टर ने कृषि विभाग द्वारा कराई जा रही धान बीज किस्म 3364 की कतार रोपाई का निरीक्षण किया। उन्होंने किसान रामकृपाल, संतलाल एवं विजय सिंह से जैविक खेती, जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशकों के उपयोग पर चर्चा की।
किसानों ने बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा बेहतर गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त होती है। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए यहां आधार कैंप स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने किसान सुशील श्रीवास्तव की प्रवर्तित खेती का भी निरीक्षण किया। किसान ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने मूंगफली के स्थान पर उड़द एवं अरहर की खेती अपनाई है। कलेक्टर ने फसल प्रबंधन, खाद उपयोग, निराई-गुड़ाई एवं संभावित उत्पादन की जानकारी लेकर वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया।
गुलाब की व्यावसायिक खेती और घरौंदा आश्रम गृह का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर ने लालपुर स्थित कलमडांड में किसान एबी अब्राहम द्वारा की जा रही गुलाब फूल की व्यावसायिक खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों एवं उद्यानिकी आधारित खेती को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे कम भूमि में भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है।
इसके पश्चात उन्होंने घरौंदा आश्रम गृह का निरीक्षण कर वहां दिव्यांगजनों एवं निराश्रितों को उपलब्ध कराई जा रही आवास, भोजन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
"मैदानी निरीक्षण से ही योजनाओं का मिलेगा वास्तविक लाभ"
दौरे के समापन पर कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी आमजन तक पहुंचेगा, जब अधिकारी नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी करेंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि एवं विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण कृषि संसाधन एवं हरसंभव सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए।
