एमसीबी, 30 जुलाई: बोर्ड परीक्षा 2027 में जिले का प्रदर्शन बेहतर करने के लिए कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना के साथ कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। हालांकि, इन निर्देशों का वास्तविक पालन कितना हो पाएगा, यह आने वाले महीनों में ही स्पष्ट होगा।
रणनीति के मुख्य बिंदु: ग्रेडिंग से लेकर पेरेंट्स-टीचर मीटिंग तक
बैठक में जिले का परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए:
छात्रों का वर्गीकरण: विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के आधार पर Green, Yellow और Red जॉन में बांटा जाएगा।
विशेष कक्षाएं व टेस्ट: कमजोर छात्रों के लिए रेमेडियल कक्षाएं, नियमित टेस्ट और समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने की योजना बनी है।
सतत समीक्षा: त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों की लगातार ट्रैकिंग और नियमित पालक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाएगी।
मुख्य चुनौती: कागजी योजनाओं से परे फील्ड में सक्रियता
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसी योजनाएं पहले भी बनती रही हैं, पर असली चुनौती इनका प्रभावी क्रियान्वयन है।
यदि ब्लॉक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और फील्ड में सक्रियता नहीं रही, तो कागजों पर तैयार यह योजना विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाएगी।
BEO और मैदानी अमले पर टिकीं निगाहें
कलेक्टर ने अधिकारियों और शिक्षकों को जिम्मेदारी से काम करने की सख्त चेतावनी दी है। अब विशेष रूप से विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली और नेतृत्व पर नजरें रहेंगी। यदि ब्लॉक स्तर पर सतत निगरानी नहीं हुई, तो जिला स्तर की यह मंशा अधूरी रह सकती है।
निष्कर्ष: शिक्षा विभाग में चर्चा है कि सफलता का आकलन बैठकों या लक्ष्यों से नहीं, बल्कि विद्यालयों में दिखने वाले वास्तविक बदलाव और बोर्ड परीक्षा 2027 के परिणामों से ही होगा।
