चरचा। थाना चरचा क्षेत्र में आठ वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण एवं उससे जुड़े गंभीर अपराध के मामले में पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपी विजय सिंह उर्फ पप्पू, पिता सुमेन सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम तिलवनडाड़ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना के तत्काल बाद सक्रियता दिखाते हुए चारों ओर घेराबंदी की थी, जिसके दबाव में आरोपी नाबालिग बालिका को छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने सूचना मिलने के महज चार घंटे के भीतर बालिका को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को तड़के करीब 3 बजे प्रार्थिया ने थाना चरचा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 5 जुलाई की रात वह अपनी करीब आठ वर्षीय नातिन के साथ कमरे में सो रही थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य अलग-अलग कमरों में सोए हुए थे। रात करीब 2 बजे एक अज्ञात व्यक्ति जबरन दरवाजा खोलकर घर में घुस आया। आरोप है कि उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की तथा धमकी दी। इसी दौरान जागी नाबालिग बालिका को आरोपी जबरन अपने साथ घर से बाहर ले गया।
घटना के समय बाहर काफी अंधेरा होने के कारण आरोपी की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देख पाना मुश्किल था। महिला के शोर मचाने पर उसका पति जागा, जिसके बाद परिजनों ने आसपास बालिका की तलाश की, लेकिन उसका तत्काल कोई पता नहीं चला। इसके बाद मामले की सूचना थाना चरचा पुलिस को दी गई।
रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं 64, 62, 137(2), 75, 76, 74 एवं 331(6) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 एवं 11 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल क्षेत्र में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया। पुलिस की सक्रियता और बढ़ते दबाव के कारण आरोपी बालिका को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 जुलाई को ही सूचना प्राप्त होने के लगभग चार घंटे के भीतर अपहृत बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया।
घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों ने जांच को दी दिशा
जांच के दौरान घटनास्थल के बाहर संदिग्ध व्यक्ति के जूते-चप्पल के निशान पाए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे और उप पुलिस अधीक्षक आशा सेन के मार्गदर्शन में थाना चरचा पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
संयुक्त टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सघन पूछताछ की। मुखबिरों से प्राप्त सूचना, तकनीकी जांच तथा उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की जांच ग्राम तिलवनडाड़ निवासी विजय सिंह उर्फ पप्पू तक पहुंची।
पुलिस ने संदेही को अभिरक्षा में लेकर नियमानुसार जांच आगे बढ़ाई। तहसीलदार बैकुण्ठपुर की उपस्थिति में कराई गई पहचान प्रक्रिया के दौरान प्रार्थिया एवं पीड़िता द्वारा संदेही की पहचान किए जाने के बाद पुलिस ने अन्य साक्ष्यों का संकलन किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना के दिन पहने गए लोवर, टी-शर्ट तथा एक जोड़ी मोटी क्रॉक्स चप्पल पेश किए जाने पर उन्हें विधिवत जब्त किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी विजय सिंह उर्फ पप्पू को 14 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
सम्पूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक आनंद सोनवानी, उप निरीक्षक अनिल सोनवानी, प्रधान आरक्षक अमित त्रिपाठी, बृजेश कुमार सिंह, शशि भूषण, आरक्षक प्रेमलाल साहू, भोलाराम जगत, प्रदीप श्याम, सैनिक विकास सिंह, राजेश कुमार, रविदास तथा साइबर टीम के प्रधान आरक्षक अरविंद कौल और आरक्षक अमरेशानंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की त्वरित घेराबंदी, नाबालिग की शीघ्र बरामदगी तथा बाद में साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी इस गंभीर मामले की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई रही। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
