मनेंद्रगढ़, 08 जुलाई 2026। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता, जवाबदेही और सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने बुधवार को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े तथा अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने कलेक्ट्रेट परिसर के ARES कक्ष, आवक-जावक शाखा, निर्वाचन शाखा, वित्त शाखा तथा स्थापना शाखा सहित विभिन्न अनुभागों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालयीन अभिलेखों के संधारण, फाइलों के निष्पादन, दस्तावेजों की व्यवस्था तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने समीक्षा के दौरान समय-सीमा (टीएल) बैठक की कार्यवाही को पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारी सुरेन्द्र जैन को निर्देशित किया कि बैठक की कार्यवाही डिजिटल माध्यम से संचालित की जाए, जिससे कार्यों की निगरानी, समीक्षा और अनुपालन अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बन सके।
इसके साथ ही उन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआई) से संबंधित सभी अभिलेखों एवं फाइलों को स्कैन कर डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने तथा ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभिलेखों के डिजिटलीकरण से दस्तावेजों का सुरक्षित संरक्षण होगा और नागरिकों को आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी।
कमिश्नर ने निर्वाचन, वित्त एवं स्थापना शाखा की विभिन्न फाइलों का अवलोकन करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का प्रतिदिन नियमित रूप से निराकरण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न विभागों में प्राप्त जनशिकायतों, उनके निराकरण की स्थिति तथा लंबित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए तथा शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
कमिश्नर ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यालयीन कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बनाए रखते हुए आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। आकस्मिक निरीक्षण के माध्यम से उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया।
