मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में समय पर मानदेय नहीं मिलने से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने नियमित एवं समयबद्ध मानदेय भुगतान, लंबित राशि का शीघ्र भुगतान तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए गरम भोजन मद की बकाया राशि तत्काल जारी करने की मांग की है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ का कहना है कि वे शासन की महिला एवं बाल विकास योजनाओं को गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद कई महीनों से मानदेय समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नियमित भुगतान नहीं होने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, जिससे उनके दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संघ ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि प्रत्येक माह एक निश्चित तिथि निर्धारित कर उसी समय सीमा के भीतर सभी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय उनके खातों में जमा कराया जाए। इसके साथ ही पूर्व से लंबित समस्त मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले गरम भोजन मद की बकाया राशि भी शीघ्र जारी की जाए, ताकि केंद्रों का संचालन बिना किसी व्यवधान के हो सके।
इस दौरान ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष एवं पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि ये कर्मचारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन, टीकाकरण, पोषण अभियान तथा अन्य सामाजिक योजनाओं को सफल बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में उनके मानदेय में लगातार हो रही देरी उचित नहीं कही जा सकती।
पूर्व विधायक ने कहा, "श्रम का सम्मान तभी है, जब मेहनतकशों को उनका मेहनताना समय पर मिले। सरकार और जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक माह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय समय पर मिले, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े और वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।"
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए बाध्य होंगे। संघ ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर आवश्यक पहल करेगा, जिससे हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को समय पर उनका अधिकार मिल सके।
