बैकुंठपुर/कोरिया। छत्तीसगढ़ के नव नियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपने प्रथम जिला भ्रमण के तहत आज कोरिया जिले का दौरा किया। उनका यह आगमन कई मायनों में विशेष रहा, क्योंकि वे कोरिया जिले के प्रथम पुलिस अधीक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। वर्षों बाद जिले में उनके आगमन से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
पुलिस महानिदेशक के बैकुंठपुर पहुँचने पर पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज दीपक झा (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक कोरिया रवि कुमार कुर्रे (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुरेशा चौबे सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
इसके पश्चात रक्षित केंद्र बैकुंठपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डीजीपी श्री गौतम ने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा तथा पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिले में संचालित पुलिस गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि पुलिस व्यवस्था का मूल उद्देश्य आमजन को सुरक्षित, त्वरित एवं संवेदनशील सेवाएँ उपलब्ध कराना होना चाहिए।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितैषी दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद एवं विश्वास कायम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके साथ ही महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, सामुदायिक पुलिसिंग तथा आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया।
अपने भ्रमण के दौरान डीजीपी अरूण देव गौतम ने भारत सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत पुलिस लाइन परिसर में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके बाद आयोजित सड़क सुरक्षा मितान सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा सड़क सुरक्षा अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है।
सम्मेलन के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सड़क सुरक्षा मितानों को सम्मानित किया गया। वहीं राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की समय पर सहायता कर उनके प्राण बचाने वाले दो जागरूक नागरिकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही दुर्घटना के दौरान घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फर्स्ट एड किट बैग का भी वितरण किया गया।
अपने संबोधन में डीजीपी श्री गौतम ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि "जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह संवेदनशील, जवाबदेह और जनोन्मुखी पुलिसिंग के माध्यम से इस विश्वास को और अधिक मजबूत बनाए।"
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कोरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, समस्त राजपत्रित अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
