मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी अलग पहचान बनाई है। गर्भाशय कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की रोकथाम के लिए संचालित ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले ने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की प्रभावी प्रशासनिक कार्यशैली, सुनियोजित रणनीति तथा स्वास्थ्य अमले की निरंतर मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।
इस सफलता के पीछे कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के प्रभावी मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अविनाश खरे के कुशल नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को मिशन मोड में संचालित किया।
सुदृढ़ रणनीति और सतत मॉनिटरिंग बनी सफलता की कुंजी
अभियान की शुरुआत से ही कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्यों की निगरानी की तथा सभी संबंधित विभागों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने भी समय-समय पर विकासखंड स्तर की समीक्षा कर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया।
जिला स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीण, शहरी तथा दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के लिए अलग-अलग माइक्रो प्लान तैयार किए। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित किए गए, जिससे पात्र बालिकाओं तक वैक्सीन की समय पर पहुंच सुनिश्चित हो सकी। इसी सुनियोजित प्रयास का परिणाम रहा कि एमसीबी जिला प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में स्थान बनाने में सफल रहा।
जनजागरूकता अभियान से टूटी भ्रांतियां, बढ़ा अभिभावकों का विश्वास
एचपीवी टीकाकरण को लेकर प्रारंभिक दौर में लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां और संकोच थे। इन्हें दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। मितानिनों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया और उन्हें एचपीवी वैक्सीन के महत्व से अवगत कराया।
स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सामुदायिक भवनों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बताया गया कि 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीका भविष्य में गर्भाशय कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम है। जागरूकता अभियान का सकारात्मक असर देखने को मिला और बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपनी बेटियों का टीकाकरण कराया।
इन कारणों से मिली ऐतिहासिक सफलता
इस उपलब्धि के पीछे प्रशासनिक दृढ़ता, विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय, स्वास्थ्य अमले की प्रतिबद्धता और जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की अथक मेहनत रही। दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर पात्र बालिकाओं का चिन्हांकन करना, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना तथा प्रत्येक पात्र हितग्राही तक वैक्सीन पहुंचाना अभियान की सबसे बड़ी विशेषता रही।
पूरी टीम को मिला सफलता का श्रेय
इस उपलब्धि पर कलेक्टर संतन देवी जांगड़े एवं सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने जिले के सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ), चिकित्सकों, एएनएम, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके समर्पण और मेहनत की सराहना की।
सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने कहा, "प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करना पूरी टीम के समर्पण, मेहनत और कलेक्टर महोदया के निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग हासिल करना नहीं, बल्कि जिले की प्रत्येक पात्र बालिका को गर्भाशय कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करना है। आने वाले समय में हम प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने के संकल्प के साथ और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे।"
जिलेभर में खुशी का माहौल
एमसीबी जिले की इस उपलब्धि पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह सफलता केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि जिले की बेटियों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एचपीवी टीकाकरण अभियान भविष्य में गर्भाशय कैंसर के मामलों में कमी लाने की दिशा में अत्यंत प्रभावी साबित होगा।
