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चिरमिरी में कथित मिलावटी शराब बिक्री का मामला गरमाया, कांग्रेस नेता के. डोमरू रेड्डी ने उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

लोकेशन: —

Jul 01, 20263 min read50 views
चिरमिरी में कथित मिलावटी शराब बिक्री का मामला गरमाया, कांग्रेस नेता के. डोमरू रेड्डी ने उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग

चिरमिरी। चिरमिरी शहर में कथित रूप से मिलावटी शराब की बिक्री को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार और आबकारी विभाग से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनकी ओर से सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद आबकारी विभाग की टीम ने शहर की कुछ शराब दुकानों पर जांच और निरीक्षण किया।

पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी का दावा है कि उन्हें लंबे समय से शराब उपभोक्ताओं की ओर से शिकायतें मिल रही थीं कि शहर की देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों में कथित रूप से मिलावटी अथवा गुणवत्ता में कमी वाली शराब बेची जा रही है। उनका कहना है कि शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने स्वयं विभिन्न शराब दुकानों के आसपास जाकर लोगों से जानकारी जुटाई और तथ्यों के आधार पर सीएम हेल्पलाइन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद आबकारी विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न शराब विक्रय केंद्रों और भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया। हालांकि विभागीय जांच के दौरान किसी भी दुकान या गोदाम से कथित मिलावटी शराब मिलने की पुष्टि नहीं हुई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डोमरू रेड्डी ने आरोप लगाया कि यदि जांच की जानकारी पहले ही संबंधित लोगों तक पहुंच जाए तो साक्ष्य मिलना कठिन हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में ऊपर से नीचे तक मिलीभगत और भ्रष्टाचार के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

डोमरू रेड्डी ने यह भी दावा किया कि निरीक्षण के दौरान आबकारी विभाग की टीम के सामने डोमनहिल, गोदरीपारा और छोटी बाजार स्थित शराब दुकानों पर मौजूद कुछ ग्राहकों ने शराब की गुणवत्ता को लेकर असंतोष जताया और कथित रूप से कहा कि सामान्य दिनों में शराब पतली या पानी मिली हुई प्रतीत होती है, जबकि जांच के दिन स्थिति अलग रहती है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि शराब दुकानों में स्थानीय राजनीतिक संरक्षण के चलते प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों की कार्यप्रणाली तथा विभागीय निगरानी व्यवस्था में कमियां होने के कारण अनियमितताओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने यह भी मांग की कि शराब दुकानों का संचालन घनी आबादी वाले क्षेत्रों और मुख्य सड़कों के किनारे नहीं किया जाना चाहिए तथा सरकार को इस संबंध में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

पूर्व महापौर ने राज्य सरकार एवं आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा चिरमिरी क्षेत्र में कथित मिलावटी शराब और अवैध शराब बिक्री पर स्थायी रूप से रोक लगाने की मांग की है।

वहीं, समाचार लिखे जाने तक आबकारी विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभागीय जांच में भी कथित मिलावटी शराब मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

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