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सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा पर राजनीति तेज: पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा पर लगाया सरकारी गाइडलाइन की अनदेखी का आरोप

सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा पर राजनीति तेज: पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा पर लगाया सरकारी गाइडलाइन की अनदेखी का आरोप

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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Jun 29, 20263 min read58 views
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा पर राजनीति तेज: पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा पर लगाया सरकारी गाइडलाइन की अनदेखी का आरोप

सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा पर सियासत

मनेंद्रगढ़/एमसीबी।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को लेकर एमसीबी जिले की राजनीति गरमा गई है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा पर शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर यात्रा को राजनीतिक मंच में बदलने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सांस्कृतिक विरासत और प्रदेश की अस्मिता से जुड़ा आयोजन है, लेकिन इसे भाजपा ने राजनीतिक लाभ का माध्यम बना दिया है।

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने जारी बयान में कहा कि शासन की गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यात्रा में जिले की माटी, जल, लोक कला, संस्कृति, इतिहास तथा साहित्य के जानकारों, प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कलाकारों और संस्कृति कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाना था। इसके विपरीत योग्य एवं पात्र व्यक्तियों की उपेक्षा करते हुए भाजपा से जुड़े नेताओं और पदाधिकारियों को यात्रा में स्थान दिया गया।

कमरो ने आरोप लगाया कि एमसीबी भाजपा जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने अपनी ही सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों को दरकिनार करते हुए स्वयं का नाम तथा भाजपा पदाधिकारियों के नाम यात्रा के लिए शामिल करवा दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार द्वारा तय गाइडलाइन का पालन ही नहीं किया जाएगा, तो फिर ऐसे नियम बनाने का औचित्य क्या है।

उन्होंने कहा, "क्या अब भाजपा जिला अध्यक्ष अपनी ही सरकार से भी बड़ी हो गई हैं? यदि शासन के निर्देशों का पालन नहीं होगा, तो क्या नियम-कानून केवल आम जनता के लिए ही बनाए गए हैं?"

पूर्व विधायक ने इसे केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि उन साहित्यकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े पात्र लोगों के अधिकारों का हनन बताया, जिन्हें इस यात्रा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए था। उनका आरोप है कि भाजपा ने अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए सरकारी योजना का दुरुपयोग किया और वास्तविक हकदारों को उनके अधिकार से वंचित कर दिया।

गुलाब कमरो ने भाजपा के "सबका साथ, सबका विकास" के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रत्येक सरकारी योजना और कार्यक्रम में केवल भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी, तो यह नारा केवल एक राजनीतिक दिखावा बनकर रह जाएगा।

उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था किसी भी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है। धार्मिक आयोजनों तथा सरकारी योजनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक निष्पक्षता के विरुद्ध है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा भविष्य में शासन की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।

पूर्व विधायक ने अंत में कहा कि सरकारी योजनाओं को राजनीतिक कार्यक्रमों में परिवर्तित करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था और सुशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने शासन से आग्रह किया कि धर्म और आस्था के नाम पर सरकारी संसाधनों के राजनीतिक उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा सभी योजनाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए।

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