बैकुंठपुर (कोरिया)। शासकीय रामानुज प्रताप सिंह देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बैकुंठपुर में विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की बैकुंठपुर नगर इकाई ने महाविद्यालय प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई। परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र एवं उचित कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों को होने वाली विभिन्न समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। ऐसे में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और सुचारु शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराना महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
छात्रहित के मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग
ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका समयबद्ध निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। परिषद ने प्रशासन से मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्राचार्य ने कार्यकर्ताओं की मांगों और समस्याओं पर सकारात्मक आश्वासन दिया। इसके बाद विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक पहल होने की उम्मीद जताई गई।
छात्रहित के लिए सक्रिय रहने की प्रतिबद्धता दोहराई
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए लगातार सक्रिय रहता है। परिषद का उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने लाना ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों और संस्थानों के साथ संवाद कर उनके समाधान का मार्ग प्रशस्त करना भी है।
इस अवसर पर नगर मंत्री आयुषी साहू, नगर सह मंत्री आकांक्षा सिंह, नगर सह मंत्री सिद्धार्थ साहू, अलका सिंह, श्वेता गुप्ता, खुशी राजवाड़े, मनीषा साहू, आकाश और कार्तिक सहित ABVP के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
परिषद ने महाविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ज्ञापन के दौरान दिए गए आश्वासन के अनुरूप विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
