बैकुंठपुर (कोरिया)। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाले अमानक उर्वरक आपूर्ति मामले में कोरिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। छिंदडांड़ शासकीय गोदाम से चिरमिरी सहकारी समिति को भेजी गई 600 बोरियों की खाद अमानक पाए जाने के मामले में पुलिस ने कंपनी के प्रतिनिधि सह सेल्स मैनेजर मनीष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
600 बोरियों की खाद, कीमत 7.80 लाख रुपये
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला वर्ष 2025 के खरीफ सीजन में उर्वरक की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों से जुड़ा है। उप संचालक कृषि, बैकुंठपुर के आदेश तथा कलेक्टर कोरिया द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर सामने आया कि छिंदडांड़ स्थित शासकीय गोदाम से चिरमिरी समिति को 600 बोरी खाद की आपूर्ति की गई थी। प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम था। इस तरह कुल 30,000 किलोग्राम खाद की कीमत 7 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है।
जांच में उक्त खाद अमानक स्तर की पाए जाने की बात सामने आई। मामले में मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड, यूनिट-2, ओसवाल ग्रुप, सागर के प्रतिनिधि सह सेल्स मैनेजर मनीष त्रिपाठी की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज है मामला
इस प्रकरण में थाना बैकुंठपुर में अपराध क्रमांक 401/2025 के तहत आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7(1)(क)(ii) और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही थी।
पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश में दी दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोरिया पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह और एसडीओपी मोहसिन खान के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
थाना बैकुंठपुर के निरीक्षक दिनेश कुमार चंद्रा एवं निरीक्षक अमोल खलखो के नेतृत्व में टीम को आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले भेजा गया। टीम में उपनिरीक्षक लवांग सिंह और आरक्षक रोशन इक्का भी शामिल थे। स्थानीय थाना मऊगंज पुलिस के सहयोग से तकनीकी एवं मैदानी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की गई।
24 अक्टूबर को गिरफ्तारी, न्यायिक रिमांड पर जेल
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मनीष त्रिपाठी (44 वर्ष), पिता स्वर्गीय हरेश राम त्रिपाठी, निवासी मनगवां, वार्ड क्रमांक 5, बस स्टैंड के पास, थाना मऊगंज, जिला रीवा (मध्यप्रदेश) को 24 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
अब इस मामले में खाद की गुणवत्ता, आपूर्ति प्रक्रिया और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। अमानक उर्वरक की आपूर्ति का मामला किसानों के हितों और कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था से जुड़ा है। ऐसे मामलों में गुणवत्ता मानकों का पालन और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
