एमसीबी/06 अक्टूबर 2026। विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। अब शैक्षणिक दस्तावेजों और परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इन सेवाओं के निराकरण के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की गई है, जिससे विद्यार्थियों को जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो सकेंगे और व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएंगी। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची जारी करने के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसी तरह उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उसकी फोटोकॉपी से संबंधित सेवाओं के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के बाद 60 दिवस के भीतर निराकरण का प्रावधान किया गया है।
पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दें विद्यार्थी
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेज प्राप्त करने के लिए परेशान होना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई और भविष्य निर्माण में लगाएं, उन्हें दस्तावेज प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में समय और ऊर्जा खर्च न करनी पड़े।
समय-सीमा तय होने से बढ़ेगी जवाबदेही
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की सेवाओं को लोक सेवा गारंटी की निर्धारित समय-सीमा से जोड़ना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी विद्यार्थी को केवल दस्तावेज प्राप्त करने अथवा परीक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।
प्रवेश, छात्रवृत्ति और आगे की पढ़ाई में मिलेगी सहूलियत
नई व्यवस्था का लाभ विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें आगे की पढ़ाई, कॉलेज में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र या उत्तर पुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता होती है।
लोक सेवा गारंटी के तहत इन सेवाओं की समय-सीमा निर्धारित होने से संबंधित विभागीय प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यार्थियों को अपने जरूरी दस्तावेज समय पर प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इससे विद्यार्थियों को अनावश्यक कार्यालयीन दौड़ से राहत मिलने के साथ शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी।
