कोरिया। जिले के थाना पटना क्षेत्र अंतर्गत पाण्डोपारा स्थित टीएमसी कंपनी की झिलमिली साइड के स्टोर में हुई करीब 50 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 40 लाख रुपये कीमत के तांबा, पीतल और कांसा धातु से निर्मित महंगे मशीन पार्ट्स बरामद किए हैं। आरोपियों के पास से तीन तलवारें, टॉर्च, मोबाइल फोन और 1,500 रुपये नगद भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
रात में छत की सीट उखाड़कर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक 21 और 22 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात करीब 1:34 बजे पाण्डोपारा स्थित टीएमसी कंपनी की झिलमिली साइड के स्टोर में चोरी हुई थी। स्टोर में कोयला उत्खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के तांबा, पीतल और कांसा धातु से बने विभिन्न महंगे पार्ट्स रखे थे।
टीएमसी पाण्डोपारा परियोजना में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत श्यामल मैती ने 24 अगस्त को थाना पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 228/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के प्रावधानों में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
09-10 आरोपियों के समूह ने बनाई थी चोरी की योजना
पुलिस जांच के दौरान मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया और संदिग्धों की पहचान कर उनसे पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि करीब 9-10 लोगों के समूह ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
आरोपियों ने कथित तौर पर स्टोर की छत की सीट उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और एसईसीएल की मशीनों में इस्तेमाल होने वाले महंगे धातु के पार्ट्स चोरी कर लिए। चोरी के बाद सामान को एक दिन तक बड़सरा जंगल में छिपाकर रखा गया। इसके बाद चोरी का माल चरचा निवासी कबाड़ी अब्दुल वासिब उर्फ गोलू को बेचने की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार कबाड़ी द्वारा कुछ सामान अपने घर में रखा गया, जबकि शेष सामान अन्य कबाड़ी को बेच दिया गया था।
40 लाख का चोरी का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अब्दुल वासिब उर्फ गोलू के कब्जे से करीब 40 लाख रुपये कीमत के तांबा, पीतल और कांसा धातु से निर्मित महंगे पार्ट्स बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि चोरी हुए माल के आधे से अधिक हिस्से की बरामदगी की जा चुकी है।
इसके अलावा आरोपियों से घटना के दौरान इस्तेमाल के लिए रखी गई तीन तलवारें, टॉर्च, मोबाइल फोन और 1,500 रुपये नगद भी जब्त किए गए हैं।
चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में—

किशन कुमार, पिता राजेन्द्र, उम्र 24 वर्ष
मंगलराम उर्फ गोलू, पिता स्व. जनक राम बसोर, उम्र 24 वर्ष
करन, पिता चंद्रप्रसाद बसोर, उम्र 24 वर्ष
अब्दुल वासिब उर्फ गोलू मियां, पिता अब्दुल कमाल, उम्र 30 वर्ष
पुलिस के अनुसार आरोपी घुटरी दफाई, थाना चरचा तथा ग्राम पूटा, थाना पटना क्षेत्र के निवासी हैं। सभी आरोपियों को 27 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के थाना पटना, चरचा और बैकुंठपुर क्षेत्रों में पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। मामले में फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। चोरी हुए शेष माल की बरामदगी और अन्य आरोपियों की संलिप्तता को लेकर जांच जारी है।
सायबर सेल और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के निर्देश पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशा सेन एवं राजेश साहू के मार्गदर्शन में थाना पटना और सायबर सेल की टीम ने मामले की जांच की।
कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय सहित सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक अमोल खलखो, प्रधान आरक्षक अरविंद कौल, आरक्षक अमरेशा ठाकुर, शिवम सिन्हा, सजल जायसवाल, राघवेन्द्र पुरी, राजेश रगड़ा, अमल कुजूर, विवेचक उप निरीक्षक राजाराम राठिया, सहायक उप निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, प्रधान आरक्षक सत्येन्द्र तिवारी, संदीप साय, अजित राजवाड़े, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिकेश्वर, आकाश तथा सैनिक विकास सिंह और राजेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
एसपी की अपील—संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें
पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर ने आमजन से अपील की है कि अपराध और चोरी की घटनाओं की रोकथाम में पुलिस को आम नागरिकों से मिलने वाली सूचनाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
पुलिस के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। थाना पटना पुलिस द्वारा चोरी और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में संलिप्त लोगों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई से करीब 50 लाख रुपये की चोरी के मामले में 40 लाख रुपये का माल बरामद होना जांच की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
