एमसीबी, 1 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में आमजन को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विभागीय सेवाओं और उपलब्धियों से सीधे जोड़ने के लिए तीन जिला स्तरीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। खड़गवां में 4 अक्टूबर, मनेन्द्रगढ़ में 5 अक्टूबर और भरतपुर विकासखंड में 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इन शिविरों को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर के निर्देशानुसार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत जिला पंचायत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा तीनों विकासखंडों में जिला स्तरीय शिविरों की तिथि एवं स्थल निर्धारित करने के साथ प्रभारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
खड़गवां से होगी शिविरों की शुरुआत
अभियान के तहत पहला जिला स्तरीय शिविर 4 अक्टूबर को जनपद पंचायत खड़गवां मैदान में आयोजित होगा। शिविर के प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खड़गवां विजयेंद्र सिंह सारथी तथा सहायक प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खड़गवां रूपेश बंजारे होंगे।
इसके बाद 5 अक्टूबर को स्वामी आत्मानंद स्कूल मैदान, मनेन्द्रगढ़ में जिला स्तरीय शिविर आयोजित किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनेन्द्रगढ़ लिंगराज सिदार को प्रभारी तथा वैशाली सिंह को सहायक प्रभारी अधिकारी के रूप में सौंपी गई है।
वहीं 7 अक्टूबर को भरतपुर विकासखंड के इन्द्रप्रस्थ स्टेडियम, जनकपुर में जिला स्तरीय शिविर लगेगा। इसके प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भरतपुर शशि शेखर मिश्रा तथा सहायक प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भरतपुर अजय कुमार राठौर होंगे।
विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों के लगेंगे स्टॉल
जिला स्तरीय शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा स्टॉल के लिए स्थान का आबंटन किया जाएगा।
सभी विभागों को अपने निर्धारित स्टॉल पर बैनर-पोस्टर के माध्यम से विभागीय योजनाओं, सेवाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टॉल की साज-सज्जा एवं अन्य आवश्यक तैयारियां शिविर से एक दिन पहले अनिवार्य रूप से पूरी करनी होंगी।
विभाग प्रमुखों को प्रभारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शिविर का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यवस्था के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय
शिविरों के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। वनमंडलाधिकारी मनेन्द्रगढ़ एवं कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को बैरिकेडिंग के लिए बांस-बल्ली और रस्सी की व्यवस्था का दायित्व दिया गया है।
संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवेश द्वार, मंचीय व्यवस्था एवं मंचीय अतिथियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। संबंधित तहसीलदार आवश्यक प्रोटोकॉल के अनुसार मंच पर बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।
लोक निर्माण विभाग की विद्युत/यांत्रिकी शाखा द्वारा माइक एवं साउंड सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। उद्यान विभाग मंच एवं प्रवेश द्वार की साज-सज्जा करेगा, जबकि विद्युत विभाग निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग को कार्यक्रम स्थल पर रंगोली की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा दल एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पेयजल एवं टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। वहीं जनसंपर्क विभाग द्वारा कार्यक्रम की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
कानून और यातायात व्यवस्था पर भी रहेगा विशेष फोकस
शिविर स्थलों पर कानून एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस से समन्वय स्थापित किया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अमले के साथ कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहकर सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आमजन तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन जिला स्तरीय शिविरों का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विभागीय सेवाओं और उपलब्धियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है। शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की गतिविधियों और योजनाओं से नागरिकों को अवगत कराने के साथ उन्हें उपलब्ध सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
तीनों जिला स्तरीय शिविरों को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और कार्यक्रमों का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
