📰 CGFILE — ब्रेकिंग न्यूज़ का आपका विश्वसनीय स्रोत
ब्रेकिंग न्यूज़स्वास्थ्य

सीएचएमओ कार्यालय में मेहरबानी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बदहाली: 4 कमरों में 15 एसी, जबकि डॉक्टरों के रूम तप रहे; मरीज और डॉक्टर दोनों बेहाल

रिपोर्टर: अमित श्रीवास्तव

लोकेशन: मनेन्द्रगढ़

Jul 01, 20262 min read309 views
सीएचएमओ कार्यालय में मेहरबानी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बदहाली: 4 कमरों में 15 एसी, जबकि डॉक्टरों के रूम तप रहे; मरीज और डॉक्टर दोनों बेहाल

​मनेन्द्रगढ़ । एक तरफ स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी वातानुकूलित (एसी) कमरों में बैठकर फाइलों को निपटा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ग्रामीण और कस्बाई इलाकों की कमान संभालने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़ बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सूत्रों की माने तो हालत यह है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय मनेन्द्रगढ़ के मात्र चार कमरों में 15 एसी खटाखट चल रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर मरीजों का इलाज करने वाले कई डॉक्टरों के कमरों में एक पंखा तक ठीक से हवा नहीं दे पा रहा है। इस भीषण गर्मी में डॉक्टरों के लिए काम करना दूभर हो गया है।

​बदइंतजामी की मार: न गाइड, न एसी

​अस्पतालों में सिर्फ डॉक्टरों के कमरों में एसी न होने की ही समस्या नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था ही पटरी से उतरी हुई है।

​परेशान डॉक्टर: डॉक्टरों का उमस और गर्मी के कारण चैंबर में बैठना मुश्किल हो गया है। ऐसे माहौल में गंभीर मरीजों को देखना और सही से डायग्नोस करना मानसिक व शारीरिक रूप से थका देने वाला साबित हो रहा है।

​भटकते मरीज: अस्पतालों में मरीजों को सही डॉक्टर या ओपीडी रूम तक भेजने के लिए कोई गाइड या गाइडेंस सिस्टम नहीं है। अशिक्षित और दूर-दराज से आए ग्रामीण मरीज पर्ची हाथ में लिए एक कमरे से दूसरे कमरे के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

​अधिकारी ठाठ में, जनता और रक्षक संकट में

​अस्पताल परिसर में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि मरीज और डॉक्टर दोनों ही इस सिस्टम से त्रस्त आ चुके हैं। जहां एक ओर जिला स्तर के दफ्तरों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, वहीं जहां सबसे ज्यादा जरूरत है—यानी अस्पतालों अव्यवस्था पसरी है।

​मरीजों का दर्द: "अस्पताल में मरीजों को एक एक करके भेजना वाला नहीं कोई नहीं जिसे सारे मरीज एक साथ ही कमरे मे प्रवेश कर रहे है।ऊपर से इतनी गर्मी में डॉक्टर साहब के कमरे में भी पसीना छूट रहा है, ऐसे मे डॉक्टर और मरीजों का क्या हाल होगा

​इस दोहरे रवैये को लेकर अब आम जनता में भारी आक्रोश है। देखना यह होगा कि इस खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटती है या फिर यह 'एसी बनाम बेबसी' का खेल यूं ही चलता रहेगा।

यह लेख शेयर करें:

Twitter Facebook LinkedIn📱 WhatsApp

रिपोर्टर के बारे में

रिपोर्टर: अमित श्रीवास्तव

लोकेशन: मनेन्द्रगढ़

सभी लेख देखें →