📰 CGFILE — ब्रेकिंग न्यूज़ का आपका विश्वसनीय स्रोत

मितानिनों को मिली बड़ी सौगात: कल्याण कोष योजना के 2300 लंबित दावों का निराकरण, 6.69 करोड़ रुपये की सहायता सीधे खातों में हस्तांतरित

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

लोकेशन: —

Jul 29, 20263 min read23 views
मितानिनों को मिली बड़ी सौगात: कल्याण कोष योजना के 2300 लंबित दावों का निराकरण, 6.69 करोड़ रुपये की सहायता सीधे खातों में हस्तांतरित

एमसीबी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी मितानिन कल्याण कोष योजना के तहत प्रदेशभर की मितानिनों एवं उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से लंबित 2300 दावा प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए शासन ने 6 करोड़ 69 लाख 42 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित कर दी है। इस पहल से हजारों मितानिन परिवारों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही शासन की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी मजबूती मिली है।

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला मानी जाने वाली मितानिनों को विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित मितानिन कल्याण कोष योजना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। इस योजना के माध्यम से मितानिनों एवं उनके आश्रित परिवारों को शिक्षा प्रोत्साहन, मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा, गंभीर बीमारी के उपचार, पति की मृत्यु, कन्या विवाह, मितानिन की मृत्यु पर परिवार को आर्थिक सहायता, वृद्धावस्था सहायता सहित अन्य आवश्यक परिस्थितियों में वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

लंबे समय से लंबित दावों के कारण अनेक पात्र मितानिनों को सहायता राशि प्राप्त नहीं हो पा रही थी, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (SHRC) एवं स्टेट एजेंसी फॉर कम्युनिटी हेल्थ (SACH) द्वारा सभी लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण एवं प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी पात्र दावों का निराकरण कर सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार मितानिनों के हितों की सुरक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी पात्र मितानिन का दावा अनावश्यक रूप से लंबित न रहे तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंद हितग्राहियों को समय पर सहायता का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि मितानिनें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, जनजागरूकता और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल संचालन में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है। ऐसे में उनके सामाजिक एवं आर्थिक हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

इस निर्णय से प्रदेशभर की मितानिनों एवं उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल मितानिनों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी।

उक्त जानकारी जिला समन्वयक रेखा शिवहरे, ब्लॉक समन्वयक मीरा साहू एवं अंजना यादव, तथा स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक कौशल्या सिंह ने दी।

यह लेख शेयर करें:

Twitter Facebook LinkedIn📱 WhatsApp

रिपोर्टर के बारे में

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

लोकेशन: —

सभी लेख देखें →