एमसीबी/24 अगस्त 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के निर्देश पर प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा एवं नेहा खलखो ने मनेन्द्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
अचानक अस्पताल पहुंचे अधिकारियों ने विभिन्न वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी, दवा भंडारण कक्ष और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति परखी। इस दौरान डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मरीजों से सीधे बातचीत, सुविधाओं का लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान अधिकारी जनरल वार्ड और महिला वार्ड पहुंचे तथा भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से आमने-सामने बातचीत की। उन्होंने उपचार, डॉक्टरों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, दवाओं और अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में सीधे फीडबैक लिया।
मरीजों से मिली जानकारी के आधार पर अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि शासन की योजनाओं के तहत उपलब्ध दवाइयां मरीजों को अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं। मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवाइयां खरीदने की स्थिति न बने, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सफाई और स्टाफ की उपस्थिति पर भी कड़ी नजर
अधिकारियों ने अस्पताल परिसर, विभिन्न वार्डों और शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। अस्पताल में नियमित स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही बायोमेडिकल कचरे का नियमानुसार सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति पंजिका की भी जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान समयबद्धता, अनुशासन और जिम्मेदारी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दवा स्टॉक और एक्सपायरी की भी जांच
निरीक्षण दल ने दवा भंडारण कक्ष का जायजा लेकर जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक और वैधता की जानकारी ली। एक्सपायरी डेट की दवाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने तथा दवाओं का सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पैथोलॉजी लैब में जांच सुविधाओं की पड़ताल

पैथोलॉजी लैब के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपलब्ध जांच सुविधाओं, उपकरणों और उनकी कार्यशील स्थिति की जानकारी ली। मरीजों को आवश्यक जांच सुविधाएं अस्पताल में ही उपलब्ध कराने तथा सभी उपकरणों को चालू हालत में रखने पर जोर दिया गया, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो।
मरीजों से सम्मानजनक व्यवहार को बताया प्राथमिकता
अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार, आवश्यक दवाइयां और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
कलेक्टर के निर्देश पर किए गए इस औचक निरीक्षण से प्रशासन ने स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी गंभीरता और सख्त निगरानी का संदेश दिया है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि अस्पतालों की जमीनी व्यवस्थाओं की जांच के लिए आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। निरीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
