एमसीबी, 26 अक्टूबर 2026। बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को मनेन्द्रगढ़ के सरस्वती विकास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। बचपन बचाओ आंदोलन के सुरक्षित बचपन अभियान एवं अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट), बाल अधिकारों, सुरक्षा और अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
‘जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण हर बच्चे का अधिकार’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में 204 छात्र-छात्राओं सहित विद्यालय के 14 स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। इस तरह शिविर में कुल 218 लोगों की सहभागिता रही।
न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चों को मिली कानूनी जानकारी
शिविर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष यशवंत वासनिकर, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरिता दास, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राकेश कुमार सोरी एवं सुमित कुमार नायक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्र अंजनी यादव, अधिकार मित्र अजय विश्वकर्मा तथा साइबर सेल की टीम ने विद्यार्थियों को कानून, बाल सुरक्षा और अपराधों के प्रति सतर्कता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकार और सुरक्षा पर विशेष जोर
शिविर में विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के प्रमुख प्रावधानों, बच्चों के कानूनी अधिकारों और लैंगिक अपराधों से संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को समझाया गया कि सुरक्षित वातावरण, व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी अनुचित घटना के प्रति सजगता बेहद जरूरी है।
साथ ही किसी अप्रिय या अनुचित घटना की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने और संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों तक अपनी बात पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया गया। साइबर सेल की टीम ने भी सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा कर विद्यार्थियों को संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
ईमानदारी और निष्ठा अपनाने का दिया संदेश

कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार ने विद्यार्थियों को निष्ठा और ईमानदारी के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष यशवंत वासनिकर ने भ्रष्टाचार एवं अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। इस दौरान कानून के प्रति सम्मान, नैतिक आचरण और सामाजिक जिम्मेदारियों के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
90 बालक और 114 बालिकाएं हुईं शामिल
विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता शिविर में कुल 204 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इनमें 90 बालक और 114 बालिकाएं शामिल थीं। इसके अलावा विद्यालय के 14 स्टाफ सदस्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
सुरक्षित बचपन अभियान के तहत आयोजित यह शिविर बच्चों को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने, नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने और अपराधों के प्रति सजग बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
