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खरीफ 2026 में फसल सुरक्षा का कवच बनेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, गैर-ऋणी किसान 31 जुलाई तक करा सकेंगे बीमा

प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, कृषि विभाग ने किसानों से समय-सीमा के भीतर बीमा कराने की अपील की

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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Jul 15, 20263 min read38 views
खरीफ 2026 में फसल सुरक्षा का कवच बनेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, गैर-ऋणी किसान 31 जुलाई तक करा सकेंगे बीमा

मनेन्द्रगढ़। खरीफ सीजन 2026 में प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है। योजना के तहत जिले के अऋणी यानी गैर-ऋणी किसान 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर बीमा कराकर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

उप संचालक कृषि कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई है। योजना का प्रमुख उद्देश्य किसानों को असमय वर्षा, सूखा, ओलावृष्टि, कीट एवं रोग प्रकोप सहित विभिन्न प्राकृतिक जोखिमों के कारण होने वाली फसल क्षति से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके साथ ही किसानों की आय में स्थिरता बनाए रखना और खेती को अधिक सुरक्षित एवं लाभकारी बनाना भी योजना का उद्देश्य है।

कृषि विभाग के अनुसार, जिन ऋणी किसानों ने खरीफ 2026 के लिए फसल ऋण लिया है, उनका बीमा संबंधित वित्तीय संस्थाओं द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। वहीं, अऋणी किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं आवेदन करना होगा। ऐसे किसान अपने निकटतम ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) अथवा निर्धारित बीमा केंद्र पर जाकर फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति, स्वयं के नाम की भूमि से संबंधित दस्तावेज, बुआई प्रमाण-पत्र तथा सक्रिय बैंक खाते की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। बैंक खाते के दस्तावेज में खाता संख्या और आईएफएससी कोड स्पष्ट रूप से अंकित होना आवश्यक है। इसके साथ ही किसान को निर्धारित प्रीमियम राशि भी जमा करनी होगी।

कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ फसलों के लिए किसानों को बीमांकित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। सिंचित धान के लिए 1,100 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा असिंचित धान के लिए 880 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से प्रीमियम निर्धारित किया गया है। योजना के माध्यम से पात्र किसानों को अधिसूचित जोखिमों के कारण फसल क्षति होने की स्थिति में नियमानुसार बीमा दावा प्राप्त हो सकेगा।

उप संचालक कृषि इन्द्रासन सिंह पैकरा ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि संभावित प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक जोखिमों को देखते हुए किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए समय रहते प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य लें। फसल बीमा किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता है।

उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि वे योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा नजदीकी सीएससी केंद्र से संपर्क करें और अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से पहले आवश्यक दस्तावेजों के साथ बीमा की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि फसल क्षति की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमा लाभ प्राप्त किया जा सके।

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