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विश्व आदिवासी दिवस 2026 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार सर्व आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न,

9 अगस्त को मनेंद्रगढ़ में होगा भव्य जिला स्तरीय आयोजन; संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के प्रदर्शन की बनाई गई विस्तृत रूपरेखा

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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Aug 02, 20263 min read8 views
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मनेंद्रगढ़/एमसीबी। आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस 2026 के जिला स्तरीय आयोजन को ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप देने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सर्व आदिवासी समाज, जिला एमसीबी के तत्वावधान में रविवार को गोंडवाना भवन, मनेंद्रगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और समाज की व्यापक सहभागिता को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, युवा प्रतिनिधियों तथा विभिन्न समाजों के गणमान्य सदस्यों ने भाग लेते हुए आयोजन को सफल, अनुशासित एवं गरिमामय बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान कार्यक्रम के संचालन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रचार-प्रसार, स्वागत व्यवस्था, सुरक्षा, अनुशासन, विभिन्न समितियों के गठन तथा जिम्मेदारियों के निर्धारण सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में पूर्व विधायक गुलाब कमरो, सर्व आदिवासी समाज के जिला संरक्षक परमेश्वर गुरुजी, जिला अध्यक्ष शरण सिंह, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमोल सिंह मरावी, अमर सिंह, भगवान सिंह सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा प्रतिनिधि एवं सम्माननीय नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं, इतिहास, भाषा, लोककला, लोकजीवन और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन समाज की पहचान, एकता और गौरव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को पहले से अधिक भव्य एवं प्रभावशाली बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग युवा, महिलाएं, छात्र-छात्राएं तथा वरिष्ठ नागरिक की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक झांकियों, लोकनृत्य, लोकगीत एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।

उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज ने सदैव प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज की एकजुटता, सामाजिक चेतना और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन मूल्य देश की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित एवं संवर्धित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले के सभी समाजजनों से 9 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को ऐतिहासिक सफलता दिलाने का आह्वान किया।

बैठक के अंत में सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने जिले के सभी समाजजनों, युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों से विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने और समाज की एकता, संस्कृति तथा गौरव को सशक्त रूप से प्रदर्शित करने की अपील की।

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