एमसीबी, 28 सितंबर 2026।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित नवभारत साक्षरता महापरीक्षा में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के शिक्षार्थियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ सहभागिता की। जिले के तीनों विकासखंडों—मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर—में निर्धारित 201 परीक्षा केंद्रों पर महापरीक्षा शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
महापरीक्षा के लिए जिलेभर में कुल 2042 शिक्षार्थियों का पंजीयन किया गया था, जिनमें से 1909 शिक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। शिक्षार्थियों की सुविधा तथा परीक्षा के सुचारू संचालन में संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों और मैदानी अमले ने सक्रिय भूमिका निभाई।
खड़गवां में सबसे अधिक सहभागिता, 845 शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा
महापरीक्षा में विकासखंडवार भी उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिली।
मनेन्द्रगढ़ विकासखंड में 92 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 527 शिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ और इनमें से 497 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी।

खड़गवां विकासखंड के 72 परीक्षा केंद्रों में 922 शिक्षार्थियों का पंजीयन किया गया था, जिनमें से 845 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
इसी प्रकार भरतपुर विकासखंड में 37 परीक्षा केंद्रों पर 593 शिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ और 567 शिक्षार्थियों ने महापरीक्षा में सहभागिता की।
इस प्रकार जिले के तीनों विकासखंडों में कुल 201 परीक्षा केंद्रों पर पंजीकृत 2042 में से 1909 शिक्षार्थियों ने परीक्षा देकर साक्षरता की दिशा में अपने सीखने के सफर को आगे बढ़ाया।
प्रशासन ने पहले से की थी व्यापक तैयारियां
महापरीक्षा के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षार्थियों की उपस्थिति, बैठने की व्यवस्था सहित परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ स्वयंसेवी शिक्षकों एवं मैदानी अमले ने भी परीक्षा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शांतिपूर्ण वातावरण में महापरीक्षा का आयोजन संपन्न होने से जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रति सामूहिक सहभागिता और जागरूकता की तस्वीर सामने आई।

कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने दी बधाई
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने नवभारत साक्षरता महापरीक्षा के सफल आयोजन पर जिले के सभी शिक्षार्थियों, स्वयंसेवी शिक्षकों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति में आत्मविश्वास, जागरूकता और आत्मनिर्भरता विकसित करने की मजबूत नींव है। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले में साक्षरता के प्रसार को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है और महापरीक्षा में बड़ी संख्या में शिक्षार्थियों की सहभागिता इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों से कहा कि महापरीक्षा के बाद भी शिक्षार्थियों को निरंतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उन्हें दैनिक जीवन में पढ़ने-लिखने और गणना के ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि साक्षरता का वास्तविक लाभ उनके जीवन में दिखाई दे।
जिला प्रशासन ने महापरीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग देने वाले सभी शिक्षार्थियों, स्वयंसेवी शिक्षकों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
