मनेंद्रगढ़। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेश प्रतिनिधि एवं अधिवक्ता रामनरेश पटेल ने छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अविनाश खरे के विरुद्ध गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच कर एक माह के भीतर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे 18 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रायपुर स्थित भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी भवन के सामने धरना देंगे।
ज्ञापन में रामनरेश पटेल ने आरोप लगाया है कि एमसीबी जिले में स्वास्थ्य विभाग और भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के संचालन में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार, अनियमित नियुक्तियां, वित्तीय गड़बड़ियां और प्रशासनिक लापरवाही हो रही है, जिसकी कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद आज तक किसी प्रकार की जांच नहीं कराई गई।
एमएमयू संचालन में फर्जीवाड़े का आरोप
ज्ञापन के अनुसार, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी को अक्टूबर 2024 में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) उपलब्ध कराई गई थी, जिसका विधिवत संचालन 2 अगस्त 2025 से शुरू हुआ। आरोप है कि इसके पहले ही 21 मई 2025 से एमएमयू का फर्जी संचालन दर्शाकर डीजल और अन्य मदों में राशि आहरित कर ली गई। जबकि उस अवधि में न तो डॉक्टर और न ही स्टाफ नर्स की नियुक्ति हुई थी। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर संबंधित राशि की वसूली की जाए।
फर्जी नियुक्तियों और रेडक्रॉस निधि के दुरुपयोग का आरोप
रामनरेश पटेल ने आरोप लगाया कि एमएमयू में ऑपरेटर का कोई पद स्वीकृत नहीं होने के बावजूद एक व्यक्ति को प्रतिमाह 15 हजार रुपये के मानदेय पर नियुक्त कर भुगतान किया गया, जबकि उसने कभी एमएमयू या रेडक्रॉस में कार्य ही नहीं किया। उन्होंने इसे दानदाताओं के धन का दुरुपयोग बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शोभा ब्लड बैंक पर भी लगाए आरोप
ज्ञापन में मनेंद्रगढ़ स्थित शोभा ब्लड बैंक पर रक्त के लिए मनमानी राशि वसूलने तथा सीएमएचओ के संरक्षण में कार्य करने का आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि इसकी शिकायत पहले भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे स्वैच्छिक रक्तदान की भावना प्रभावित हो रही है।
एड्स जागरूकता अभियान और खरीद में अनियमितता का दावा
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एड्स जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों की जगह बाहरी कलाकारों से सीमित कार्य कराकर फर्जी भुगतान किया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में नियमों के विपरीत सामग्री खरीदी, फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान तथा बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
संलग्नीकरण और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
रामनरेश पटेल ने आरोप लगाया कि जिले में नियम विरुद्ध संलग्नीकरण (अटैचमेंट) कर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया जा रहा है। कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का प्रभार नियमों के विपरीत कर्मचारियों को सौंपा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।
पुराने मामलों का भी किया उल्लेख
ज्ञापन में डॉ. अविनाश खरे के बिलासपुर कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि वर्ष 2019 के एक प्रकरण में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र के संबंध में भी कई स्तरों पर शिकायतें की गईं, लेकिन आज तक कोई जांच नहीं हुई। उन्होंने इस मामले की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
अस्पतालों में लापरवाही और कमीशनखोरी के आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ सहित जिले के कुछ चिकित्सकों को मनमानी की खुली छूट दी गई है तथा मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जाता है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति, एम्बुलेंस जैसी मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही तथा स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के लिए भी सीएमएचओ को जिम्मेदार ठहराया गया है।
आवास आवंटन में अनियमितता का आरोप
स्वास्थ्य विभाग की चैनपुर स्थित आवासीय कॉलोनी में बिना पात्रता के लोगों को आवास उपलब्ध कराने तथा इसके एवज में अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही कहा गया है कि नियमित कर्मचारी निजी मकानों में रहने को मजबूर हैं, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
एक माह में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा धरना
रामनरेश पटेल ने राज्यपाल से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा डॉ. अविनाश खरे को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि एक माह के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो वे 18 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी भवन के सामने शांतिपूर्ण धरना देंगे।
(नोट: यह समाचार ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
