बैकुंठपुर (कोरिया)। प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशानुरूप, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम एवं पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अंबिकापुर दीपक कुमार झा के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक कोरिया हरीश राठौर के मार्गदर्शन में जिलेभर में नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष जन-जागरूकता अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा अभिभावकों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के तहत पुलिस एवं यातायात विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर अभिभावकों, विद्यालयों में बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन चालकों तथा आम नागरिकों से संवाद कर उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई कि किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों को दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसा करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है।
यातायात पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो वाहन स्वामी अथवा संबंधित अभिभावक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194(ए) के तहत 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही दुर्घटना की स्थिति में बीमा दावे पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से भी लोगों को अवगत कराया गया।
पुलिस ने बताया कि 30 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक जिलेभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। इसके बाद 16 अगस्त 2026 से नाबालिग वाहन चालकों एवं उनके अभिभावकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
अभियान के दौरान स्कूल वाहनों के चालकों की विशेष बैठक भी आयोजित की गई। इसमें उन्हें माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा स्कूली वाहनों के संचालन संबंधी जारी दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई। सभी वाहन चालकों को आगामी पांच दिवस के भीतर अपने वाहनों के आवश्यक दस्तावेज, वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) की अनिवार्य पूर्ति करने के निर्देश दिए गए। साथ ही क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में नहीं बैठाने तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। निर्धारित अवधि के बाद यदि किसी वाहन में नियमों का उल्लंघन या दस्तावेजों की कमी पाई गई तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें तथा स्वयं भी जिम्मेदार नागरिक के रूप में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
इस विशेष जन-जागरूकता अभियान में यातायात प्रभारी बीरबल राजवाड़े, सहायक उप निरीक्षक किशुन राम भगत, हवलदार डॉ. महेश मिश्रा, सैनिक राजेश साहू एवं राजेश खलखो सहित यातायात पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
