मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)10 जुलाई । वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा वन मंडल मनेंद्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज पारसगढ़ी स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर में जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधा रोपकर जिले में व्यापक हरित अभियान का शंखनाद किया। इस अवसर पर कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम तथा वनमंडलाधिकारी चंद्र अग्रवाल सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
16 लाख पौधों का लक्ष्य, 2 लाख मिलेंगे मुफ्त
कार्यक्रम के दौरान वनमण्डलाधिकारी चंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष वन मंडल मनेंद्रगढ़ ने जिले में 16 लाख पौधे लगाने का महा-लक्ष्य निर्धारित किया है। पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए एक वर्ष तक उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों को पर्यावरण से जोड़ने के लिए दो लाख पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंत्री जायसवाल ने 'तुहर पौधा तिहार' अभियान के तहत पौधों के वितरण के लिए दो विशेष वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला बोनस
वन महोत्सव के मंच से वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का भी वितरण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि हरित क्रांति को जन आंदोलन बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।
संभाग की बड़ी सौगात: निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
कार्यक्रम के पश्चात स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, "आसपास के पांच जिलों में ऐसा भव्य और आधुनिक मेडिकल कॉलेज कहीं नहीं है। यह इस पूरे क्षेत्र और संभाग के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।"
कनेक्टिविटी और विकास पर जोर
जायसवाल ने क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात करते हुए कहा कि जिले के समुचित विकास के लिए सड़कों का जाल चारों ओर बिछाया गया है। मेडिकल कॉलेज की कनेक्टिविटी का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने आगे जोड़ा कि पैराडोल और चिरमिरी में बनने वाले नए रेलवे स्टेशन भविष्य में यहाँ आने वाले विद्यार्थियों और आम जनता की सुविधाओं में अहम रोल अदा करेंगे।
कुल मिलाकर, यह वन महोत्सव न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे गया, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं के नए मार्ग भी प्रशस्त कर गया।
