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बरसात की फुहारों के बीच खेत की मेड़ पर गूंजा 'मन की बात', धान रोपाई करते ग्रामीणों ने सुना प्रधानमंत्री का 136वां संस्करण

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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Jul 26, 20263 min read5 views
बरसात की फुहारों के बीच खेत की मेड़ पर गूंजा 'मन की बात', धान रोपाई करते ग्रामीणों ने सुना प्रधानमंत्री का 136वां संस्करण

मनेंद्रगढ़। भारतीय जनता पार्टी हसदेव मंडल के तत्वावधान में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण विधानसभा क्षेत्र मनेंद्रगढ़ के बूथ क्रमांक 107 में अनूठे और प्रेरणादायी वातावरण में आयोजित किया गया। बरसात के मौसम में धान की रोपाई में जुटे ग्रामीणों ने खेत की मेड़ पर एकत्र होकर कार्यक्रम सुना और श्रम, कृषि तथा राष्ट्रभावना का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

खेतों में कृषि कार्य के बीच किसानों, महिलाओं और युवाओं ने कुछ समय निकालकर प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। बरसात की फुहारों और हरियाली के बीच आयोजित यह कार्यक्रम सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बना।

जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में भाजपा हसदेव मंडल अध्यक्ष सुश्री बबीता सिंह, मंडल महामंत्री भगवान दास, जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, बूथ अध्यक्ष सर्किल यादव, श्रवण कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे।

जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 136वें 'मन की बात' कार्यक्रम में जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, युवाओं के नवाचार तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले प्रेरणादायी प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने देशभर में सकारात्मक बदलाव ला रहे सामान्य नागरिकों के कार्यों की भी सराहना की।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुश्री बबीता सिंह ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला प्रेरणा का सशक्त माध्यम है। यह समाज के प्रत्येक वर्ग को सकारात्मक सोच, सेवा और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।

मंडल महामंत्री भगवान दास ने कहा कि खेतों में रोपाई के बीच ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से कार्यक्रम सुनना इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री के विचार गांव-गांव और खेत-खलिहानों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे श्रम और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायी संगम बताया।

ग्रामीणों ने लिया जनजागरूकता का संकल्प

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार उन्हें खेती के साथ-साथ जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक करते हैं। उन्होंने अपने गांव को स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर बनाने तथा इन संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

बरसात की हरियाली, धान के खेतों और किसानों के बीच आयोजित यह सामूहिक श्रवण कार्यक्रम इस बात का संदेश देता है कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प केवल सभागारों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेत-खलिहानों और गांवों से भी उतनी ही मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।

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