मनेंद्रगढ़ ~दिनांक 24/06/2026 को आम नागरिकों को आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित डायल-112 सेवा की तत्परता एवं कार्यक्षमता का परीक्षण करने हेतु पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह (IPS) ने स्वयं औचक निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक ने बिना किसी पूर्व सूचना के डायल-112 कंट्रोल रूम में कॉल कर ईमली गोलाई मोड़ पर कुछ लोगों के बीच विवाद एवं झगड़े की सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही कंट्रोल रूम द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप संबंधित डायल-112 टीम को तत्काल अलर्ट कर मौके के लिए रवाना किया गया।
डायल-112 टीम ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया का परिचय देते हुए लगभग 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंची टीम की सक्रियता, सूचना प्राप्ति के बाद की कार्रवाई, घटनास्थल तक पहुंचने में लगे समय तथा समग्र कार्यप्रणाली का स्वयं निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह( IPS)ने बताया कि ऐसे औचक परीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों को समय पर और प्रभावी सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता संकट की घड़ी में लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाना है तथा इसी उद्देश्य से डायल-112 सेवा को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संचालित नेक्स्ट जेनरेशन डायल-112 वाहन अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं। वाहनों में लगाए गए हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे 24 घंटे लाइव मोड में संचालित रहते हैं, जिससे वाहन की गतिविधियों एवं मौके पर की जाने वाली कार्रवाई की निगरानी संभव हो पाती है। इससे पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होती हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डायल-112 सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित होता है। शहरी एवं आसपास के क्षेत्रों में सामान्यतः 10 से 15 मिनट के भीतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है, जबकि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यह समय लगभग 20 से 25 मिनट तक हो सकता है। विभाग द्वारा रिस्पॉन्स टाइम को और अधिक बेहतर बनाने हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में संचालित डायल-112 वाहन संबंधित स्थानीय थाना एवं थाना प्रभारियों के निर्देशन एवं समन्वय में कार्य करते हैं। किसी भी सूचना के प्राप्त होने पर स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है, जिससे समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने डायल-112 में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि केवल त्वरित कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़ितों, शिकायतकर्ताओं एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशील, सौहार्दपूर्ण एवं सम्मानजनक व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है। पुलिस का व्यवहार ही आमजन में विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने कहा कि डायल-112 सेवा केवल अपराध संबंधी मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटना, मारपीट, पारिवारिक विवाद, महिला सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों एवं अन्य आपात परिस्थितियों में भी नागरिक इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहकर जरूरतमंदों को तत्काल सहायता प्रदान कर रही है।
अंत में पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (IPS) ने जिलेवासियों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक डायल-112 पर संपर्क करें तथा इस सेवा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता शीघ्रता से पहुंचाई जा सके। साथ ही आम नागरिक गण भी 112के स्टॉफ का भरपूर सहयोग करें ताकि ततपरता के साथ ड्यूटी करें.
उल्लेखनीय है कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डायल-112 वाहनों के माध्यम से प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है।
