एमसीबी। भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं भारत सरकार की पूर्व केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने जनसेवा और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए विधानसभा क्षेत्र के 100 से अधिक चिन्हित दिव्यांगजनों को अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान करने की पहल की है। इसके तहत प्रत्येक पात्र दिव्यांग हितग्राही को 5,000 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद दिव्यांगजनों को तत्काल राहत पहुंचाने के साथ-साथ उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग करना है। विधायक की ओर से दी जा रही इस आर्थिक सहायता से विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में रहने वाले दिव्यांग हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत भरतपुर विकासखंड के भगवानपुर, भरतपुर, बेलगांव, बहरासी, बेला, चिडौला और जनकपुर सहित लगभग एक दर्जन ग्राम पंचायतों के चिन्हित दिव्यांग हितग्राहियों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। क्षेत्र के 100 से अधिक दिव्यांगजन इस पहल से लाभान्वित होंगे। प्रत्येक हितग्राही को 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
विधायक रेणुका सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल सड़क, भवन, पुल-पुलिया और अन्य विकास कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज के कमजोर, वंचित, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जनसेवा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता और विकास का लाभ पहुंचे।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वे समय-समय पर दिव्यांगजनों, गरीब परिवारों, महिलाओं, किसानों तथा अन्य जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए लगातार प्रयास करती रही हैं। दिव्यांगजन समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें सम्मान, सहयोग तथा आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विधायक रेणुका सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की “अंत्योदय” की विचारधारा समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास, सुविधाएं और सहायता पहुंचाने के संकल्प पर आधारित है। इसी विचारधारा को धरातल पर उतारते हुए स्वेच्छानुदान मद से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उनका प्रयास है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी वास्तविक जरूरतमंदों को यथासंभव सहयोग मिल सके।
उन्होंने कहा कि 5,000 रुपये की यह सहायता राशि भले ही सीमित हो, लेकिन जरूरत के समय मिलने वाला सहयोग किसी परिवार के लिए महत्वपूर्ण संबल बन सकता है। यह राशि दिव्यांग हितग्राहियों को दैनिक जरूरतों, आवश्यक सामग्री तथा अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में सहायक होगी।
आर्थिक सहायता मिलने पर दिव्यांग हितग्राहियों ने विधायक रेणुका सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। भगवानपुर निवासी लालबहादुर साहू ने कहा कि यह आर्थिक सहायता उनके जैसे दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत है और इससे दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद मिलेगी।
वहीं बरेल निवासी अनुज प्रताप चेरवा ने विधायक की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याओं और जरूरतों को समझकर उनके लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल जरूरतमंद लोगों में विश्वास और आत्मबल बढ़ाती है।
बेला निवासी धंसु अहिरवार ने कहा कि विधायक द्वारा दिया गया यह सहयोग आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांग परिवारों के लिए संबल साबित होगा। उन्होंने आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ की गई सहायता के लिए विधायक रेणुका सिंह के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त की।
विधायक रेणुका सिंह की इस पहल को क्षेत्र में जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक सीधे सहायता पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। स्वेच्छानुदान मद से 100 से अधिक दिव्यांग हितग्राहियों को दी जा रही आर्थिक सहायता से न केवल उन्हें तत्काल राहत मिलेगी, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का संदेश भी जाएगा।
