एमसीबी/चिरमिरी। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला, जब चिरमिरी के गोदरीपारा स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में शाला प्रवेशोत्सव, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ महापौर राम नरेश राय, जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नवप्रवेशी विद्यार्थियों के तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत से हुई। अतिथियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई तथा छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें प्रदान की गईं, जिससे वे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर अपनी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रख सकें।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। बारिश के बीच हुए पौधरोपण ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायी बना दिया।
‘मिशन-100’ के तहत शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम का लक्ष्य
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यालय द्वारा संचालित ‘मिशन-100’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय का लक्ष्य शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और व्यवहारिक ज्ञान का भी समावेश होना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, लगन और नियमित अध्ययन के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया तथा शिक्षकों से भी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट मार्गदर्शन देने की अपील की।
विद्यालय में सुविधाओं के विस्तार का भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने स्मार्ट क्लास एवं साउंड सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क के पक्कीकरण का आश्वासन भी दिया गया। साथ ही विद्यालय परिसर में महापौर निधि से जंबोलाइट एवं हूटर की व्यवस्था कराने की घोषणा की गई। पेयजल समस्या के समाधान के लिए फिलहाल टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने तथा भविष्य में अमृत जल मिशन-2 के अंतर्गत स्थायी जल व्यवस्था से विद्यालय को जोड़ने की बात भी कही गई।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक विद्यालय के लिए नया भवन उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान भवन में ही स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय का संचालन जारी रहेगा और विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
विद्यार्थियों को दिलाई सफलता और अनुशासन की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा ‘मिशन-100’ के लक्ष्य को सफल बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने परिश्रम और संकल्प के बल पर न केवल अपने परिवार बल्कि विद्यालय, समाज और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर सकता है।
इस अवसर पर महापौर राम नरेश राय, शाला विकास परिषद की अध्यक्ष इंदु पंडरिया, पूर्व महापौर डमरू बेहरा, मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनकर, जिला उपाध्यक्ष राजकुमार बाधवान, युवा नेता धनंजय पांडे, युवा नेता अरुणोदय पांडे, विद्यालय के प्राचार्य बलविंदर सिंह, खड़गवां बीईओ, निगम पार्षद, एल्डरमैन, बबलू शर्मा, श्रीपत सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय परिवार एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
बारिश के बीच आयोजित यह कार्यक्रम केवल शाला प्रवेशोत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रेरक संदेश देकर विद्यार्थियों में नए उत्साह और आत्मविश्वास का संचार करने वाला यादगार क्षण रहा।
